ई पॉस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी कार्ड धारकों को नहीं मिला खाद्यान्न

पूर्ति निरीक्षक की जांच में उजागर हुआ भारी घोटाला

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ई पॉस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी कार्ड धारकों को नहीं मिला खाद्यान्न

अवधनामा संवाददाता 
 

मिल्कीपुर -अयोध्या। सरकार भले ही राशन वितरण प्रणाली में पारिदर्शिता लाने के लिए लाख जतन कर रही हो लेकिन सस्ते गल्ले की दुकानों में वितरण में अनियमितताओं को लेकर व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में दुकानों के संचालक कोटेदार कार्ड धारकों से ईपास मशीन में अंगूठा तो लगवा रहे हैं, लेकिन उन्हें राशन वितरण नहीं कर रहे हैं। ऐसा ताजा मामला मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत हैरिग्टगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत केशवपुर चिलबिली का प्रकाश में आया है। जहां के ग्रामीण कार्ड धारकों ने गांव के कोटेदार पर राशन न वितरित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल सहित 1076 पर शिकायत दर्ज कराया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्ति निरीक्षक मिल्कीपुर मुईद खान सोमवार को केशवपुर चिलबिली गांव के ग्रामीणों का बयान दर्ज करने पहुंचे तो बड़ी संख्या में आक्रोशित राशन कार्ड धारक राशन न मिलने की बयान बाजी करने लगे। कोटेदार की हरकतों से नाराज कार्ड धारकों ने कहा कि कोटेदार द्वारा ईपास मशीन पर अंगूठा तो लगभग एक सप्ताह पूर्व लगवा लिया गया था लेकिन अभी तक द्वितीय चरण के खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया है। ग्रामीणों का बयान दर्ज करने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के स्टॉक रजिस्टर को अपने कब्जे में लेते हुए स्टाक का सत्यापन किया तो सत्यापन में मात्र 60 बोरी चावल मिला। जबकि दिसंबर माह के द्वितीय चरण में 61 बोरी गेहूं व 40 बोरी चावल का उठान कोटेदार द्वारा किया गया है। कोटेदार ने बताया कि प्राप्त स्टॉक में 10 बोरी चावल आंगनबाड़ी का है। मांगे जाने पर कोटेदार द्वारा वितरण रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कितना राशन वितरित हुआ है, कितना अभी अवशेष है। उठान किए हुए खाद्यान्न व स्टॉक सत्यापन में मिले राशन में अंतर होना ही यह प्रदर्शित करता है कि कोटेदार द्वारा भारी अनियमितता बरती गई है। वहीं दूसरी ओर मामले में उचित दर विक्रेता शांति देवी से बात की गई तो बताया कि मशीन में अंगूठा लगवा लिया है, कहीं से भी व्यवस्था करके सब को राशन वितरित कर दिया जाएगा।