डिजिकरण पर भारी पड़ता पुस्तक मेला, बिकी दसयों लाख की पुस्तकें

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 डिजिकरण पर भारी पड़ता पुस्तक मेला, बिकी दसयों लाख की पुस्तकें

अवधनामा संवाददाता 


प्रयागराज। आज के इस डिजिकरण युग में भी पुस्तकों का क्रेज बरकरार है। पुस्तक मेले मंे उमड़ रही भीड़ और बिक्री से अन्दाजा लगाया जा सकता हैै। एंग्लो बंगाली इण्टर कालेज में लगा दस दिवसीय पुस्तक मेला की बिक्री को देखकर आयोजकों के साथ-साथ प्रकाशान संस्थान भी गद्गद हैं।मेले के आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि पुस्तक मेले में पाठकों को देखकर किताब के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पाठक किताब के पक्ष में डटे रहे। युवा पाठकों और हिन्दी के युवा लेखन में मेरा विश्वास दृढ़ हुआ। उन्होंने बताया कि अब तक सात दिनों के भीतर 10 लाख रूपयों से अधिक की किताबों की बिक्री यहां पर लगे करीब 50 स्टालों से की जा चुकी है।
वहीं पुस्तकों की बिक्री से गद्गद सस्ता मण्डल प्रकाशन के मनोज शर्मा कहते हैं कि वह पहली बार प्रयाग आये हैं। इससे पूर्व अजमेर, लखनऊ और दिल्ली आदि शहरों में पुस्तक मेला लगा चुके हैं लेकिन यहां प्रयाग में भी पुस्तक प्रेमियों की अधिक मांग किसी अन्य शहरों से कम नहीं है।  
पुस्तक मेले के सह-संयोजक मनीष गर्ग ने बताया कि में हिन्दी साहित्य के साथ-साथ धार्मिक किताबें, मोक्ष, मानसिक शांति वगैरह से जुड़ी ढेरों किताबें रखी हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक प्रेमियों में भागदौड़ की मौजूदा दुनिया में जिंदगी को सुधारने के तरीके बताने वाली किताबों की भी काफी मांग है।  
मेले में पहुंचे पुस्तक प्रेमी कमल सिंह ने बताया कि पुस्तकें दस्तावेज है। उन्होंने बातचीत में कहा कि हम इस डिजिटल युग में भले मोबाइल, टीवी लैपटॉप व कम्प्यूटर से जुड गये हैं लेकिन वास्तव में हम कभी भी किताबों से अलग नहीं हो सकते। कम्प्यूटर पर तो स्क्रीन को सरकाते हैं लेकिन यहां पर पन्ना पलटते हैं। हमारे बीच में कुछ ऐसे लोग आज भी हैं जो अपनी बात सिर्फ किताब पर ही कहते हैं।