पुराने नेताओं के सामने युवा नेताओं का चैलेंज टिकट की दावेदारी जारी

कुर्सी का खेल किसे मिलती है हैदरगढ़ विधायक की कुर्सी खींचतान जारी

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पुराने नेताओं के सामने युवा नेताओं का चैलेंज टिकट की दावेदारी जारी

 बड़े नेता सीआईडी की तरह करा रहे हैं है दावेदारों का सर्वे 

अवधनामा संवाददाता 

बाराबंकी (Barabanki)। उत्तर प्रदेश का माहौल देखकर आप सबको समझ में आ गया होगा कि उत्तर प्रदेश में अब चुनाव होने वाले हैं इसके लिए प्रत्याशी अपने आप को जनता का हितैषी बताने के लिए जनता के बीच जा रहे हैं। अपने आप को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं। ऐसे में बाराबंकी जनपद के हैदर गढ़ विधानसभा 272 की सीट पर समाजवादी पार्टी के कई नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। तो इस दावेदारी में भाजपा नेता भी पीछे नहीं है। क्योंकि हैदर गढ़ विधानसभा 272 पर भाजपा की एक सीट पर कई भाजपा के नेता  भी टिकट लेने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। अब ऐसे में यह देखना बड़ी बात है कि इस सुरक्षित सीट पर कौन टिकट पाकर विजय घोषित होता है  किसमें कितना दम है और किसका राजनीतिक कैरियर मजबूत है और उच्च नेताओं से किसकी ज्यादा पकड़ है यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।अगर दम की बात करें तो हैदर गढ़ विधानसभा वैसे भी जमीनी नेताओं के लिए जाना जाता है। अगर हम समाजवादी पार्टी की बात करें तो समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में से एक राम सागर रावत जो कई बार सांसद, विधायक भी रहे हैं। तथा ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। उनके पुत्र राम मगन रावत भी कई बार के विधायक हैं क्षेत्र में अच्छी पकड़ है लेकिन राम सागर रावत के पुत्र राम मगन जो अभी तक हैदर गढ़ विधानसभा की सीट पर चुनाव लड़ते आ रहे हैं। इनकी कुर्सी छीनने के लिए अब समाजवादी पार्टी के गौतम रावत जो लखनऊ के निवासी है तथा नेहा सिंह आनंदी दावेदारी कर रही है । यह तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बताएंगे कि हैदर गढ़ विधानसभा सीट पर किस को समाजवादी का टिकट दीया जाना रामबाण की तरह साबित होगा है। वही अगर भाजपा की बात की जाए तो हैदर गढ विधानसभा से मौके के विधायक बैजनाथ रावत है लेकिन इनकी सीट पर भी दिनेश रावत जिनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं तथा शशांक सिंह कुशमेश जिनका भी राजनीतिक कैरियर मजबूत है। यह लोग भी हैदर गढ़ विधानसभा की भाजपा सीट पर टिकट कि दावेदारी कर रहे हैं। अब दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं के सामने एक बड़ी बात यह है कि किसको टिकट दे ? भाजपा और सपा नेताओं की इस कार्यशैली से  एक बात साफ है कि अगर राम मगन रावत का टिकट काटकर किसी अन्य को दे दिया जाता है तो राममगन रावत के समर्थक नाराज हो जाएंगे अगर राम मगन रावत को टिकट दिया जाता है तो गौतम रावत तथा नेहा सिंह आनंद के समर्थक नाराज होते हुए  नुकसान पहुंचा सकते है ।  ऐसे में पार्टी के बड़े नेताओं को सोच समझकर टिकट देने की जरूरत है। बताया जाता है कि यूपीएससी की तैयारी करने वाली नेहा सिंह आनंद नेतागिरी में कूद कर  टिकट की दावेदारी कर रही है।  विधायक बनने के बाद क्षेत्र की समस्याओं को निस्तारित करने का भी दावा कर रहे हैं। अगर राम मगन की बात किया जाए तो राम मगन भी क्षेत्र में अच्छा खासा विकास करा चुके हैं वहीं अगर भाजपा की बात की जाए तो विधायक बैजनाथ रावत का टिकट काटकर अगर दिनेश रावत को दे दिया जाता है या फिर शशांक कुशमेश को दे दिया जाता है तो विधायक बैजनाथ रावत के समर्थक नाराज हो जाएंगे वहीं अगर फिर से बैजनाथ रावत को पार्टी टिकट  देती है तो एक बात साफ है कि शशांक तथा दिनेश  विधायक बैजनाथ रावत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सूत्र के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि टिकट किसे मिलना चाहिए इस बारे में पार्टी के बड़े नेताओं के द्वारा अंदरूनी सर्वे भी कराया जा रहा है। दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश में अच्छा दबदबा रखती है. इसलिए दोनों पार्टी ऐसे प्रत्याशी को टिकट देगी जो क्षेत्र का विकास कर सके और चुनाव जीतने की क्षमता रखता हो तथा जनता के बीच अच्छी पकड़ हो,