आनंद गिरि की जमानत याचिका कोर्ट से खारिज, फिलहाल जेल में ही रहेंगे योगगुरु

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आनंद गिरि की जमानत याचिका कोर्ट से खारिज, फिलहाल जेल में ही रहेंगे योगगुरु
अवधनामा संवाददाता 

प्रयागराज :  अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध दशा में मौत के मामले में सेंट्रल जेल नैनी में बंद आनंद गिरि की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। बुधवार और बृहस्पतिवार दो दिन चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने योगगुरु को जमानत देने से इनकार कर दिया। 

योग गुरु आनंद गिरि 22 सितंबर से जेल में बंद हैं। उनके साथ श्रीलेटे हनुमान मंदिर संगम प्रयागराज के पूर्व पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उसका पुत्र संदीप तिवारी भी जेल में बंद है। तीनों की पेशी बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। बुधवार को जमानत के मुद्दे पर दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस किया था। बाद में अधिवक्ताओं की हड़ताल हो जाने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को भी बहस हुई। जिसके बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। 
 
हाईकोर्ट में अपील करेंगे आनंद गिरि
 
सेशन कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब आनंद गिरि के वकील इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी देंगे। अभी आर्डर की कापी नहीं मिल सकी है। आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद आनंद गिरि हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेंगे।
 
आवाज के नमूने का होगा परीक्षण
सीबीआई के अधिकारी केएस नेगी की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आनंद गिरि की आवाज का नमूना लेने के लिए अर्जी दी है। अभी न्यायालय में इस पर कोई निर्णय नहीं दिया है। महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके कमरे से मिले सुसाइड नोट में मौत के लिए आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी को जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार से आनंद गिरि को गिरफ्तार कर लिया था।