कायाकल्प टीम के अधिकारियों को रिझाने के लिए अजीबोगरीब जतन

सीएचसी मवई में राज्य स्तरीय टीम ने किया भौतिक निरीक्षण,मिली बड़ी कमियां

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 कायाकल्प टीम के अधिकारियों को रिझाने के लिए अजीबोगरीब जतन

अवधनामा संवाददाता 
 

मवई-अयोध्या स्वच्छता को लेकर कायाकल्प अभियान के तहत मवई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में सोमवार को राज्य स्तर की तीन सदस्यीय टीम पहुंची।टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। टीम को बेहद गंभीर खामियां नजर आईं तो वही अस्पताल के शौचालय भी गंदगी व बदहाल मिले।अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने टीम को रिझाने के लिए तरह तरह के जतन किए हुए थे।लेकिन अव्यवस्था हावी रही।अस्पताल पहुंची टीम ने 4 घंटे तक निरीक्षण किया।ओपीडी से निरीक्षण की शुरुआत की जहाँ सिर्फ रात ड्यूटी में लगे चिकित्सक डॉ फ़राज ही ओपीड़ी करते हुए नजर आए।जो थोड़ी देर बाद चले गए जिसके बाद टीम के सामने ही ओपीड़ी की कुर्सियां चिकित्सक से खाली हो गई।टीम ने फार्माशिस्ट श्यामलाल सोनी से सवाल-जवाब भी किए।लेकिन जवाब संतुष्टपूर्वक नही रहे।अस्पताल की सफाई व्यवस्था तो बेहतर रही लेकिन शौचालयो की हालत बदतर रही।इसके अलावा अनेक जगह माइनर खामियां भी नजर आईं।

कायाकल्प अभियान के लिए अस्पताल प्रशासन ने काफी व्यवस्थाएं एक सप्ताह पूर्व ही कर रखी थी।सोमवार को भी टीम के पहुंचने तक लगातार सफाई कर चमकाया जा रहा था।पेड़ो में उनके नाम की पट्टियां लगाई गई तो वही निरीक्षण के दौरान ही कर्मचारियों को पहली बार पहचान पत्र वितरित किया गया।कई कर्मचारी अपने कार्यकाल में पहली बार चिकित्सा ड्रेस में नजर आए।अस्पताल के गेट पर टीम के स्वागत के लिए वेलकम बोर्ड लगाया गया जिस पर टीम में शामिल सदस्यों के नाम लिखे हुए थे।टीम ने आते ही निरीक्षण शुरू किया।लेबर रूम,पैथोलॉजी लैब,दवा कक्ष में घूम घूम कर जायजा लिया।चिकित्सा अधीक्षक डॉ रविकांत वर्मा ने बताया कायाकल्प टीम में एके पांडेय डिविजनल प्रोग्राम मैनेजर गोरखपुर, डॉ अरशद कंसल्टेंट सुल्तानपुर, डॉ अजय कुमार बस्ती आदि शामिल रहे।उन्होंने बताया कि कायाकल्प का यह फाइनल असिसमेन्ट था जिसका टीम ने निरीक्षण किया है।

निरीक्षण के दौरान गायब रहे चिकित्सक,ओपीड़ी रामभरोसे

मवई-अयोध्या। कायाकल्प अभियान की टीम निरीक्षण के लिए स्टाफ को पहले ही ट्रेनिंग देकर तैयार किया हुआ था।निरीक्षण के दौरान मौजूद स्टाफ ने संतुष्टिपूर्वक जवाब दिए।बावजूद अधिकतर चिकित्सक नदारद रहे।नदारद रहने वाले चिकित्सको में डॉ शिवकांत,डॉ सुमंत सिंह,डॉ शबनम समेत अन्य कई कर्मचारी रहे।जिसके चलते ओपीड़ी खाली नजर आई और मरीज भटकते रहे।

परेशान होती नजर आई गर्भवती महिलाएं

महीने की 10 तारीख होने के चलते आज मातृत्व दिवस था ऐसे में सैकड़ो गर्भवती महिलाएं अपनी जांच कराने के लिए आई हुई थी।निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था के चलते गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी।बार बार महिला चिकित्सक को भी डिस्टर्ब होना पड़ा।