राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 82 अधिकारी एवं कर्मचारी किए गए पुरस्कृत

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 राजभाषा में उत्कृष्ट  कार्य करने वाले 82 अधिकारी एवं कर्मचारी किए गए पुरस्कृत

अवधनामा संवाददाता


प्रयागराज : उत्‍तर मध्‍य रेलवे मुख्‍यालय में महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने माँ सरस्‍वती की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण कर तथा दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर राजभाषा पखवाड़ा के मुख्‍य समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी साझी संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्‍यम है। हिंदी उन राष्‍ट्रीय मूल्‍यों की प्रतीक है जो हमें अपनी समृद्ध विरासत और राष्‍ट्रीय आंदोलन से प्राप्‍त हुए हैं। ये हमारे संविधान की मूल भावना को प्रदर्शित करते हैं। इन्‍हीं कारणों से हिंदी को राजभाषा का संवैधानिक दर्जा दिया गया। हिंदी आज सूचना टेक्‍नॉलाजी के वर्तमान युग में स्‍मार्टफोन की भाषा बन चुकी है। आज अमेरिका जैसे देश के साथ होने वाली शिखर वार्ता में हिंदी में ही नए और सुदृढ़ भारत की वाणी मुखरित हो रही है।हिंदी भारत की पहचान और अस्मिता की भाषा बन चुकी है।श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि उत्‍तर मध्‍य रेलवे का कार्यक्षेत्र ऐसे हिंदी भाषी प्रदेशों में फैला हुआ है जहाँ हिंदी और उसकी श्रेष्‍ठ परंपराओं का उद्‍भव हुआ और उन्‍हें विभिन्‍न प्रांतों और भाषाओं की सांस्‍कृतिक धाराओं में स्‍थान मिला। हिंदी भाषा और भारतीय रेल दोनों ने मिलकर देश को एक सूत्र में बांधने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। अत: हिंदी को बढ़ावा देने और इसके सरल और सुबोध रूप का प्रयोग-प्रसार करने की हमारी विशेष जिम्‍मेदारी बनती है और हमसे विशेष अपेक्षाएं भी की जाती हैं। श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि भारतीय रेल आम जनता की सेवा से जुड़ी हुई है। रेल परिसरों और स्‍टेशनों पर यात्री और ग्राहकों से संबंधित सूचनाओं, आरक्षण चार्टों, रेलवे रसीदों,कंप्यूटरीकृत यात्री सुविधाओं आदि में शत-प्रतिशत हिंदी या हिंदी- अंग्रेजी द्विभाषी का प्रयोग अपेक्षित है।  प्रमोद  कुमार ने इस अवसर पर लगाई गई राजभाषा प्रदर्शनी की भी सराहना की और कहा कि यह प्रदर्शनी हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों के लगन, उत्‍साह और राजभाषा के प्रति उनके समर्पण का द्योतक है। इस अवसर पर राजभाषा प्रगति का विस्‍तृत विवरण प्रस्‍तुत करते हुए मुख्‍य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार  अजय माथुर ने बताया कि उत्‍तर मध्‍य रेलवे में राजभाषा हिंदी का निरंतर ही उत्‍कृष्‍ट प्रयोग-प्रसार किया जा रहा है तथा वर्ष के दौरान हिंदी कार्यशालाओं राजभाषा संगोष्ठियों, मूर्धन्‍य साहित्‍यकारों की जयंतियों, कवि सम्‍मेलनों आदि का आयोजन किया गया है। मुख्‍यालय, मंडलों और कारखानों में विभिन्‍न पुरस्‍कार प्रोत्‍साहन योजनाएं लागू की गई हैं।  माथुर ने बताया कि हिंदी में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए इस वर्ष वैगन मरम्मत कारखाना,झांसी को रेलमंत्री राजभाषा शील्ड और और अपर मंडल रेल प्रबंधक(इन्फ्रा),झाँसी अमित सेंगर को रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक  प्रमोद कुमार ने प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर कुंदन कुमार के कथा संग्रह ‘गुलाबी धूप’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्य कार्मिक अधिकारी/औद्योगिक संबंध  अवधेश कुमार और मुख्य मोटिव पावर इंजानियर/डीजल अनिल कुमार द्विवेदी द्वारा कथा संग्रह ’गुलाबी धूप’ की पुस्तक समीक्षा की गई तथा कथा शिल्प की दृष्टि से कथा संग्रह की कहानियों के कथानक,पात्र,वातावरण आदि की समसामयिक विवेचना की गई।
कार्यक्रम में मुख्‍यालय के विभागों सहित मंडलों, कारखानों और परियोजना की भव्‍य राजभाषा प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपने सरस काव्‍य पाठ से श्रोताओं का मन मोह लिया। काव्य गोष्ठी में ओज एवं राष्ट्रीय भावना के जाने-माने कवि श्री भूषण त्यागी,नागेश शांडिल्य आदि कवि उपस्थित थे। हिंदी की भव्यता का बखान करते हुए भूषण त्यागी ने कहा “मै प्रेयसी के अनुराग में हूं मैं ऋषियों के तपत्याग में हूं, मैं अवध पुरी की राम राम मैं वृंदावन में श्याम श्याम हूं।“ सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा , ‘देश की आन बान जिंदा रहे इसलिए बर्फ के घर में गल रहे हैं तेरी खुशी के लिए’, नागेश शांडिल्य ने भ्रष्टाचार और मिलावट पर अपनी चुटीली व्यंगात्मक रचनाओं के माध्यम से प्रहार करते हुए  श्रोताओं की तालियां बटोरी।
इस अवसर पर विभागों,मंडलों और कारखानों द्वारा अपने कार्यालयों में हिंदी में किए जा रहे कार्यों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। राजभाषा प्रदर्शनी में मंडलों एवं कारखानों में झांसी मंडल को प्रथम एवं सिथौली कारखना को द्वितीय,   विभागों में सिगनल एवं दूरसंचार विभाग को प्रथम एवं सुरक्षा विभाग को द्वितीय तथा लेखा विभाग को तृत्तीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।  साथ ही प्रतियोगिताओं के विजेता और हिंदी में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाले 82 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक  प्रमोद कुमार ने मुख्यालय में  राजभाषा पखवाड़ा प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक  रंजन यादव और सभी प्रमुख विभागाध्‍यक्षों सहित बड़ी संख्‍या में अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री चन्‍द्र भूषण पाण्‍डेय, वरिष्‍ठ राजभाषा अधिकारी ने किया तथा उप मुख्‍य राजभाषा अधिकारी  शैलेन्द्र कुमार सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।