शत प्रतिशत एफआईआर पंजीकरण: एसपी के निर्देश हवा में, चौथे दिन भी भटकती रही तहरीर

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शत प्रतिशत एफआईआर पंजीकरण: एसपी के निर्देश हवा में, चौथे दिन भी भटकती रही तहरीर

अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी। सीएम योगी के बाराबंकी आगमन से दो दिन पूर्व गत 14 सितंबर को हुए सैनिक सम्मेलन व गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत एफआईआर दर्ज की जाए। दूसरी ओर 17 सितंबर को नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक की ओर से तहरीर कोतवाली गए 4 दिन बीत गए पर अब तक रिपोर्ट नही दर्ज हुई। इसे एसपी के निर्देश की अवहेलना कहा जाए या फिर अभी तक चौकी इन्चार्ज ने जांच कर रिपोर्ट कोतवाल को नही सौंपी। वैसे चर्चा है कि एफआईआर न होने पाए, के लिए जबरदस्त दबाव बनाया गया है।

मुद्दे पर न जाकर सीधी बात यह कि स्लाटर हाउस के धराशायी होने के बाद बिना अनुमति मलबा गायब कर दिया गया, भीड़ की इस हरकत के पीछे चर्चा यह कि इन्हें किसी के द्वारा उकसाया गया। खैर भीड़ का यह कृत्य गलत और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना था। मौके की स्थिति देख व जांच के बाद ईओ नगरपालिका के निर्देश पर स्थानीय सफाई निरीक्षक की ओर से 17 सितंबर को तहरीर दी गई, ताकि अज्ञात के विरूद्ध मुकदमा दर्ज हो सके। एफआईआर दर्ज नही हुई, दूसरे दिन मालूम हुआ कि कोतवाल अमर सिंह ने चौकी इन्चार्ज शहर को जांच सौंप दी। अब जांच पूरी हुई या नही पर ईओ नपाप पवन कुमार ने 18 सितंबर को चौकी प्रभारी के आने व बात होने की पुष्टि की। नपाप अध्यक्ष शशि श्रीवास्तव के रुख से भी लगा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होगी पर यह महज ख्याली पुलाव निकला। आज चौथे दिन भी यही पता चला कि अब तक रिपोर्ट दर्ज नही की गई है। 

अब जिक्र करते हैं सीएम योगी के आगमन से दो दिन पूर्व हुये सैनिक सम्मेलन व गोष्ठी का। जिसमे पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने निर्देश दिये थे कि शत प्रतिशत एफआईआर का पंजीकरण किया जाए। 

साफ है कि अव्वल तो एफआईआर दर्ज करने में अब नगर पालिका से लेकर कोतवाली पुलिस बदनीयती दिखा रही है। दिशा निर्देश महज कागजी हैं। पुलिस हद से आगे तक इसी कोशिश में रहती है कि रिपोर्ट दर्ज न करनी पड़े। एक बात और स्पष्ट हो गई कि रिपोर्ट दर्ज न होने पाए, इसके लिए जोरदार दबाव व प्रयास किये गए हैं। बहरहाल अब नगरपालिका की संपत्तियों पर टेढ़ी नजर करना आसान हो चला है।