उत्तर प्रदेश सरकार मक्का और आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना शुरू कर रही है। निंजाकार्ट कंपनी 10 हजार किसानों से 25 हजार टन मक्का खरीदेगी जो एथेनॉल फैक्ट्रियों को भेजा जाएगा। आलू के लिए एग्रिस्टो मासा के साथ समझौता हुआ है। योजना में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और महिला किसानों को शामिल किया जाएगा। किसानों को उन्नत बीज और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
लखनऊ। प्रदेश सरकार मक्का और आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी कृषि मूल्य श्रृंखला विकास परियोजना को धरातल पर उतारने की कसरत में जुट गई है। योजना के तहत सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी, जिससे खेती के बाद की भंडारण, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण और बिक्री आदि की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
इससे किसानों को फसल का अच्छा दाम मिलेगा और बर्बादी भी कम होगी। योजना के तहत देश की प्रमुख एग्री टेक कंपनी निंजाकार्ट से समझौता किया गया है। कंपनी 10 हजार किसानों से हर साल 25 हजार टन मक्का खरीदेगी।
अप्रैल माह में स्वीकृति हुई इस योजना में निजी कंपनी द्वारा खरीदा गया मक्का एथेनाल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भेजा जाएगा। इसके साथ ही आलू की खेती और उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कंपनी एग्रिस्टो मासा से समझौता किया गया है।
कंपनी किसानों को बेहतर किस्म के आलू उगाने, उसकी प्रोसेसिंग और विदेश भेजने की सुविधा देगी। अब सरकार परियोजना में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को शामिल करने पर काम कर रही है, इसमें महिला किसानों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने किसानों को उन्नत बीज, कृषि मशीनरी, डिजिटल प्लेटफार्म, बीमा और पारदर्शी मूल्य तय करने वाली प्रणाली आदि सुविधाएं दी जाएंगी। फसल कटाई के बाद कोल्ड चेन, स्टोरेज और ग्रेडिंग की सुविधा भी विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।