हमीरपुर। जनपद की मौदहा पुलिस ने एक अज्ञात महिला की सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचे, कारतूस व नकदी बरामद की है।
घटना 27 अक्तूबर 2025 की है। ग्राम रीवन के खेतों के पास एक अज्ञात महिला का चेहरा जला हुआ शव बरामद हुआ था। मृतका ने हरे रंग की साड़ी पहन रखी थी। उसके हाथ पर “गायत्री” लिखा था तथा हथेली पर “ॐ” का निशान बना था। मौके पर पहुँची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
पुलिस अधीक्षक हमीरपुर के निर्देशन पर गठित टीम ने लगातार जांच तेज की। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय खुफिया तंत्र के माध्यम से पुलिस को पता चला कि हत्या के पीछे रामसुफल प्रजापति (निवासी वरहेण्डा, जनपद बांदा) और सोनू यादव (निवासी गुरदहा, मौदहा) का हाथ है।
7 नवम्बर 2025 की सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने नेशनल चौराहे से इंगोहटा रोड पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दोनों अभियुक्तों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मृतका गायत्री पहले रामसुफल के संपर्क में थी, जबकि बाद में वह सोनू यादव के साथ रहने लगी। इसको लेकर दोनों में आपसी रंजिश हो गई और दोनों ने मिलकर रात्रि में रीवन गांव के पास दुपट्टे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव का चेहरा जलाया गया।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और ₹760 नकद बरामद किए। दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी मौदहा में भर्ती कराया गया है।
पुलिस टीम की सफलता
इस मुठभेड़ और हत्या कांड के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विनेश गौतम, अभिषेक त्रिवेदी, मोहित कुमार, तथा एसओजी प्रभारी सचिन शर्मा की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अधीक्षक ने टीम को सराहनीय कार्य हेतु बधाई दी और कहा कि जनपद पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन मोड में कार्य कर रही है। इस खुलासे से पुलिस ने न केवल महिला की पहचान उजागर की बल्कि पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर एक बड़ी सफलता हासिल की है।





