घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल, पुलिस बल तैनात
महोबा। रंजिश के चलते दो पक्षों में गोलीबारी होने से दोनो गुटों के एक महिला सहित पांच लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां से महिला समेत चार लोगों को मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया। इस घटना से गांव में भय और दहशत का माहौल है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिय गया है। पुलिस ने ज्ञानेंद्र द्विवेदी की लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में ले लिया है। पुलिस जांच पड़ताल करने में जुट गई है।
घटना थाना कबरई के गांव महेवा की है, जहां पर 24 नवम्बर को आलोक यादव के घर पर चल रहे कुंआ पूजन कार्यक्रम में ज्ञानेंद्र द्विवेदी का रामऔतार यादव से विवाद हो गया था, जिससे दोनो गुटो में तनातनी बढ़ गई। ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने तहरीर कबरई पुलिस को भी दी थी, पुलिस ने मामले को हल्के से लिया और किसी को गिरफ्तार नहीं किया था। शुक्रवार को बालेंद्र सिंह का रिश्तेदार यश कबरई जा रहा था, तभी रास्ते में रोककर यादव परिवार ने उसकी मारपीट शुरू कर दी। बीच बचाव के लिए बालेंद्र, राम द्विवेदी, ज्ञानेंद्र द्विवेदी भी पहुंच गए और इसी बीच दूसरे पक्ष के लोग भी लाठी डंडे ले आ गए।
पहले दोनो पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले बाद में गोलिया चल गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से दोनो गुटो के पांच लोग मौके पर गिर गए और भीड़ इधर उधर भाग खड़ी हुई। गोलीबारी में ब्राह्यण गुट के ज्ञानेंद्र द्विवेदी (45) उसका भाई राम द्विवेदी (42) पुत्रगण रामविशाल द्विवेदी, बालेंद्र सिंह (43) और बच्चू सिंह (40), यादव गुट से रामदेवी (38) पत्नी रामऔतार यादव गंभीर रुप से घायल हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई में भर्ती कराया, जहां पर घायलों की हालत नामुक होने पर डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर दिया, जहां पर रामदेवी सहित चार लोगों की हालत नाजुक होने पर मेडिकल कालेज झांसी भेजा गया, जबकि बच्चू सिंह का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सूचना पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष कबरई ने घटना स्थल का निरीक्षण कर जायजा लिया और ग्रामीणों से पूछताछ की। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस घटना के बाद से ग्रामीण सहमे हुए हैं।





