पिता की मौत के बाद आई पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ न उठा पाने से आहत होकर युवक ने खाया जहर
महोबा। पिता की मौत के बाद आई पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ न उठा पाने से आहत होकर युवक ने जहर खा लिया। गंभीर हालत होने पर परिजन उसे आनन फानन में जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टरों ने उसका डाक्टरी परीक्षण करते हुए मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर कर दिया, लेकिन झांसी ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मौत से मृतक की मां, भाई और बहनों का रो रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के डढ़हतमाफ गांव निवासी बृजेंद्र कुशवाहा (24) के पिता राकेश कुशवाहा की 2021 में मौत हो गई थी, जिसके बाद बृजेंद्र पर अपनी मां कमलेश, दो छोटी बहनों सरोज (23), हिमांशी (18), और 16 वर्षीय भाई राजेंद्र के भरण पोषण के साथ साथ बहन सरोज की शादी की जिम्मेदारी भी बृजेंद्र पर आ गई थी। इस परिवार की आजीविका तीन बीघा की पैतृक खेती के भरोसे थी।
पिता की मौत के बाद बृजेंद्र ने 2022 में बहन की शादी के लिए कर्ज लिया था, जिसे फसल आने के बाद चुकाया जाना था, लेकिन असमय बारिश के चलते उसकी फसल नहीं हो सकी, जिससे वह कर्ज चुकाने की चिंता के कारण तनाव में रहने लगा।
कर्ज चुकाने के लिए एक पखवाड़ा पहले वह मेहनत मजदूरी करने के लिए गुजरात के अहमदाबाद शहर गया था, लेकिन उचित पैसा न मिलने के कारण वह वापस गांव आ गया। घर लौटने के बाद उसे परिवार का भरण पोषण और जिम्मेदारियों की चिंता सताने लगी। इसी तनाव में बृजेंद्र ने सल्फास की गोलियों का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी।
हालत खराब होने पर परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर झांसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे झांसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही बृजेंद्र की मौत हो गई, जिस पर परिवार के लोग शव लेकर वापस गांव लौट आए। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।





