डुमरियागंज सिद्धार्थ नगर। उप्र ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी संगठन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को संबोधित दस सूत्रीय संयुक्त ज्ञापन खण्ड विकास अधिकारी भनवापुर के माध्यम से जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को सौंपा। ज्ञापन में ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात क्षेत्रीय ग्राम सचिवों से मूल दायित्वों के अतिरिक्त बिना संसाधन उपलब्ध कराए अन्य विभागों के कार्य लिए जाने तथा अव्यवहारिक ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।
संघ ने कहा कि सचिव ग्राम पंचायतों के विकास में रीढ़ की भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके फील्ड आधारित कार्यप्रणाली के बीच ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता व्यवहारिक नहीं है। अधिकांश सचिवों के पास 4 से 9 ग्राम पंचायतों तक का प्रभार होता है, ऐसे में किसी एक स्थान पर निर्धारित समय पर उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सचिवों के निजी मोबाइल फोन में थर्ड पार्टी एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना निजता के अधिकार का उल्लंघन है तथा साइबर जोखिम भी पैदा करता है। सचिवों ने यह भी मांग की कि जब ग्राम पंचायत स्तर पर अन्य विभागों के लेखपाल, शिक्षक, तकनीकी सहायक आदि की उपस्थिति ऑनलाइन नहीं है, तो केवल सचिवों पर यह व्यवस्था थोपना अनुचित है।
संगठन ने बताया कि ग्राम सचिव वर्तमान में 29 से अधिक योजनाओं और कार्यों का लक्ष्य आधारित निष्पादन कर रहे हैं मनरेगा, आवास योजना, पेयजल, स्वच्छ भारत मिशन, आजीविका मिशन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परिवार रजिस्टर अद्यतन समेत अनेक नियामक कार्यों का बोझ अत्यधिक है। ऐसे में बिना संसाधन उपलब्ध कराए नई व्यवस्थाएँ लागू करना सचिवों के साथ अन्याय है।
अंत में संघ ने सभी स्तरों पर समान उपस्थिति व्यवस्था लागू करने, सचिवों के कार्य व्यवहार को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली वापस लेने तथा कार्यभार के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।इस दौरान विवेक कुमार ,शिव अजोर यादव, हरीराम चौधरी, अमित तिवारी,रविन्द्र सिंह,प्रशान्त यादव,दिलीप कुमार पाण्डेय,अतुल यादव,राहुल सिंह,प्रतीक रावत,नीरज तिवारी ,प्रभाकर सोनी आदि मौजूद रहे।





