महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के धार्मिक स्थल श्रीरामकुंड धाम में 5 फरवरी से रामकथा का किया जा रहा आयोजन
महोबा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के धार्मिक स्थल श्रीरामकुंड धाम में 5 फरवरी से रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। जहां पर प्रयागराज से आ रहे कथा व्यास प्रभाशंकर महाराज रामभक्तों को महादेव सती का विवाह सहित अन्य कथाओं का रसपान कराया। कथा सुनने के लिए आसपास क्षेत्र के अलावा अन्य मोहल्लों के श्रद्धालु राम कथा सुनने के लिए पहुंच रहे हैं और कथा सुनकर भक्त राम भक्ति में डूबकर प्रभु के जयकारे लगा रहे हैं।
कथा व्यास ने बताया कि महादेव का सती से विवाह एक प्रमुख पौराणिक कथा है, जिसमें आदिशक्ति सती ने राजा दक्ष की पुत्री के रूप में जन्म लिया और कठिन तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया। दक्ष की अनिच्छा के बावजूद वे परिणय सूत्र में बंधे। कहा कि यह विवाह जगत कल्याण के लिए आवश्यक था और यह विवाह वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक बना। कथा व्यास ने सती का राम पर ब्रह्म अवतार होने में संदेह करना, सती द्वारा राम की परीक्षा लेने, सीता का रूप धारण करने पर महादेव का सती का त्याग करने, दक्ष के किये जा रहे यज्ञ में निमंत्रित न कर महादेव का आदि घटना क्रम का विस्तार से वर्णन किया।
कथा दौरान महाराज ने कहा कि भगवान राम की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम और सदभाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। कहा कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का निस्तारण अपने आप हो जाएगा। उमंगेश्वर ज्योतिलिंग महादेव की कृपा से रामकुंड धाम में 16 फरवरी तक चल रही श्रीराम कथा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।





