केंद्रीय बजट में लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के विस्तार को गति मिली है। केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 1450 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। चारबाग से बसंतकुंज तक 11.16 किमी के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बनेंगे। कुल 5801 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए यूपीएमआरसी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शहर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
लखनऊ। रविवार को प्रस्तुत हुए आम बजट ने लखनऊ में मेट्रो के दूसरे फेज के निर्माण को गति प्रदान कर दी। बजट में मेट्रो विस्तार के लिए व्यवस्था की गई है। लखनऊ मेट्रो में विस्तार के लिए केंद्र सरकार 1450 करोड़ रुपये का अंश देगी।
लखनऊ में अभी चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक नार्थ-साउथ कारिडोर पर मेट्रो दौड़ रही है। दूसरे चरण में चारबाग से बसंतकुंज तक करीब 11.16 किमी रूट पर ईस्ट-वेस्ट कारिडोर पर मेट्रो दौड़ेगी। इस कारिडोर पर कुल 12 स्टेशन होंगे। जिसमें सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कारिडोर के लिए पिछले साल ही केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की थी।
खर्च हो सकते हैं 5801 करोड़
तीन बोगियों वाली ब्लू लाइन मेट्रो के निर्माण पर कुल 5801 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। इस प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली आधी धनराशि केंद्र व राज्य सरकार प्रदान करेंगी। वहीं, शेष का ऋण यूपीएमआरसी लेगा। यूपीएमआरसी करीब 2900 करोड़ रुपये का ऋण लेगा। केंद्र सरकार का अंश लगभग 1450 करोड रुपये का होगा। यूपीएमआरसी ने दूसरे चरण के मेट्रो निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यूपीएमआरसी ने डिटेल डिजाइन कंसलटेंट का चयन कर लिया है। यह फर्म मेट्रो रूट के कामर्शियल उपयोग, स्टेशन पर उपलब्ध होने वाली सेवाओं सहित इससे जुड़े कई बिन्दुओं पर अपनी रिपोर्ट देगी।
740 मीटर लंबा रैंप बनाने का टेंडर जारी
यूपीएमआरसी ने 4.6 किलोमीटर के एलिवेटेड सेक्शन के साथ ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज स्टेशनों के निर्माण और बसंतकुंज डिपो में पांच लाइनों की क्षमता वाला 740 मीटर लंबा रैंप बनाने का टेंडर जारी कर दिया है।
वहीं, इंटरचेंज भूमिगत स्टेशन चारबाग, गौतमबुद्धनगर, अमीनाबाद, पांडेयगंज , सिटी रेलवे स्टेशन , मेडिकल चौराहा और चौक के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके साथ ही डिपो का निर्माण भी होगा।





