उत्तर प्रदेश को2047तक विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार का सुझाव संग्रह अभियान शुरू हो गया है। सोमवार को राज्य सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी और नामित प्रबुद्ध जनों ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की । बैठक के दौरान नीति और योजना निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए जिले के जागरूक नागरिकों से सरकार को सुझाव देने की अपील की गई।
बैठक में मुख्य रूप से तीन थीम – अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति पर जोर देते हुए 12 सेक्टरों पर गहन चर्चा हुई। इनमें कृषि एवं संबद्ध सेक्टर, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर एवं ग्राम्य विकास, अवस्थापना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं सुशासन शामिल रहे।
सभा के दौरान नोडल अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर बनाना है। इसके लिए शासन ने सभी जिलों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें जनगणना के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर नागरिक को इस अभियान में भागीदारी का अवसर मिलेगा, ताकि सरकार की योजनाएं जनभागीदारी पर आधारित बनें और अधिक प्रभावी रूप से कार्यान्वित हो सकें।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्पादों की सही मार्केटिंग व समूह की अनपढ़ महिलाओं के सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर सेवानिवृत्त आईएएस संतोष कुमार राय ने लेमनग्रास खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया और कार्यशालाएं आयोजित कर महिलाओं को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने डीसी एनआरएलएम से इस दिशा में कार्यवाही करने को कहा।
अलग-अलग श्रमिक संगठनों से भी संवाद हुआ, जहां उनके क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जाने वाले कदम, उनकी अपेक्षाएं और सहयोग पर चर्चा की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक में विशेष रूप से औद्यानिक खेती, बागवानी व पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों से सीधे संवाद करके कृषि आय वृद्धि के उपाय करें।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि “विकसित उत्तर प्रदेश” का सपना तभी साकार होगा जब योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचे। इसके लिए जिले में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अंशुमान सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ जी०के० शुक्ला, उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार, डीईएसटीओ पन्ना लाल, डीपीआरओ मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे।





