आठ अक्टूबर से ही लखनऊ में होगा बसपाइयों का जमावड़ा
एक महीने के लिए बसपा ने संगठन के अन्य सभी काम रोके गए, एक महीने तक बसपाइयों को सिर्फ रैली की तैयारी करने के निर्देश
नौ अक्टूबर को डी एस फोर, बामसेफ और बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब की पुण्यतिथि पर बहुजन समाज पार्टी की ओर लम्बे अंतराल के बाद कांशीराम स्मारक स्थल पर प्रदेश व्यापी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को संगठन की समीक्षा बैठक में इस कार्यक्रम की घोषणा की। पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में कांशीराम साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए लोगों का जमावड़ा आठ अक्टूबर से ही शुरू हो जाएगा।बी एस पी की ओर से इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी संगठन के काम की प्रगति को लेकर कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई है।उत्तर प्रदेश में बूथ एवं सेक्टर कमेटियों के पुनर्गठन का काम 80फीसदी पूर्ण हो गया है।समीक्षा बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अमेरिका द्वारा भारत पर लादी गई 50फीसदी ट्रम्प टैरिफ से निपटने के लिए केन्द्र की भाजपा सरकार से नये सिरे से नीतियों और कार्यक्रमों में सुधारवादी रवैया अपनाते हुए बदलाव की मांग की है।
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) प्रमुख बहन कु. मायावती जी द्वारा उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करने और जनाधार बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। बीते रविवार दिनांक 07 सितम्बर 2025 को पार्टी की राज्य स्तरीय बड़ी बैठक में उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ व जिम्मेदार पदाधिकारीगण ने भाग लिया। इस बैठक में पार्टी संगठन की गहराई से समीक्षा की गई और आगामी रणनीति हेतु जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में लगभग 80 प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति पर संतोष व्यक्त किया गया।
विशेष रूप से बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बी.एस.पी. के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि नौ अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में ‘मान्यवर कांशीराम जी श्री स्मारक स्थल’ पर भव्य श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बहन मायावती जी स्वयं भाग लेंगी और बी.एस.पी. कार्यकर्ताओं के साथ आने वाली राजनीतिक चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा करेंगी।
बी.एस.पी. प्रमुख ने बैठक में यह भी कहा कि वर्तमान समय में देश व प्रदेश की विकट राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेष रूप से विरोधी पार्टियों के आपसी गुटबंदी, साम, दाम, दण्ड, भेद जैसी नीतियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही दलित, आदिवासी, पिछड़ा, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई।
इसके अतिरिक्त अमेरिका द्वारा थोपे गए भारी भरकम 50 प्रतिशत ‘ट्रंप टैरीफ’ के आतंक से निपटने हेतु भारत सरकार व भाजपा को देशहित में ठोस व सुधारवादी नीति अपनाने पर ज़ोर दिया गया ताकि देश का मान-सम्मान बना रहे।
बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश राज्य कार्यालय, 12 माल एवेन्यू लखनऊ से जारी यह प्रेस विज्ञप्ति प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा जनता के वास्तविक मुद्दों से जुड़ने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। आगामी कार्यक्रम व कार्यशाला का उद्देश्य बी.एस.पी. की छवि को और सुदृढ़ बनाकर समाज के वंचित वर्गों की भागीदारी को सुनिश्चित करना बताया गया है।





