शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड शोहरतगढ़ क्षेत्र अन्तर्गत महथा बाजार में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (पैक्स) पिछले सात महीनों से बंद पड़ी है। समिति के बंद होने से स्थानीय किसानों की खेती पर सीधा असर पड़ रहा है। खाद व बीज की समय पर उपलब्धता न होने से किसान बुवाई के महत्वपूर्ण मौसम में परेशान हैं। स्थानीय किसान ओमप्रकाश मिश्रा, राजेन्द्र मौर्या, रामनयन, जगरनाथ शर्मा, विनोद शर्मा, चिनगुद यादव, राममिलन चौधरी, छोटेलाल यादव, मातादीन, बासुदेव चौरसिया, अशोक गोस्वामी, राकेश कुमार, जितेन्द्र गोस्वामी, विजय कुमार, संजय गुप्ता, रामवृक्ष यादव समेत कई किसानों ने बताया कि सहकारी समिति पैक्स महथा बाजार का बंद होने के कारण उन्हें खाद के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
बाजार में भी खाद समय पर और सही मात्रा में नहीं मिल पाती, जिसके चलते बुवाई का चक्र प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि जब वे पास की दूसरी समितियों पर जाते हैं, तो उन्हें सीधा जवाब मिलता है“अपनी समिति पर जाओ!”लेकिन उनकी समिति तो 7 महीने से ऐसे बंद है स्थानीय किसान जायें तो जायें कहा।किसानों का आरोप है कि सहकारी समिति के सात महीने से बंद होने की जानकारी होने के बावजूद अधिकारी मौन हैं। किसानों ने जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि महथा बाजार स्थित सहकारी समिति को तुरंत खोला जाए और खाद वितरण सुचारू रूप से शुरू कराया जाए।
इस मामले में जब जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मीटिंग में व्यस्त होने का हवाला देकर फोन काट दिया। स्थानीय किसानों का कहना है कि अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद समिति के सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।सहकारी समिति बंद होने से खाद और बीज की उपलब्धता प्रभावित हुई है, साथ ही क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ रहा है। समय पर खाद न मिलने से बुवाई प्रभावित होती है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन और आमदनी दोनों में गिरावट की आशंका बढ़ गई है।





