सिद्धार्थनगर। मंडी परिषद बस्ती द्वारा गढ्ढामुक्त योजना 2025-26 में आमंत्रित निविदा में हुई कथित अनियमितता के संबंध में कई ठेकेदारों ने अधिशासी अभियंता एवं नोडल सदस्य निविदा समिति को पत्र देकर उक्त प्रकरण में पात्र अपात्र की सूची को निरस्त करते हुए फिरसे निविदा निकालने की मांग की है। ठेकेदार मनोज शुक्ला, विकास सिंह, अजीत सिंह एवं गुडडू पांडेय द्वारा दिए गये पत्र में कहा गया है कि मंडी परिषद बस्ती द्वारा गढ्ढामुक्ति योजना 2025-26 के अंतर्गत निविदा सूचना संख्या 1059 दिनांक 27 अक्टूबर 2025 द्वारा निविदा आमंत्रित की गयी थी, जिसमे अनेकों ठेकेदारों ने प्रतिभाग किया है। जिसमें मेसर्स शुक्ला कंस्ट्रक्शन, मेसर्स कुँवर मान्धाता एवं दिनेश शुक्ला के तकनीकी बिड में अनेक कमियां, त्रुटियां एवं मूल तथ्यों को छिपाया गया है।
जिसे अन्य ठेकदारों द्वारा डीडीसी मंडी परिषद बस्ती को लिखित शिकायत कर जाँचकर (अपात्र) आवश्यक कार्रवाई करने हेतु अवगत कराया गया था, परन्तु डीडीसी एवं अवर अभियंता जेपी राव द्वारा ठेकेदारों से सॉठ गांठ कर कार्य के लागत का 4 प्रतिशत आर्थिक लाभ लेकर निविदा कमेटी के समक्ष तकनिकी बिड का बिना जांच किये एवं कमेटी के बिना स्वीकृति के ही पात्र अपात्र का स्वतः निर्धारण कर 10 दिसम्बर 2025 को रात्रि 8 बजे वित्तीय बिड खोल दिया गया। प्रतिभागी ठेकदारों ने निविदा समिति के सदस्य अपर जिलधिकारी, अधिशासी अभियन्ता प्रांतीय खण्ड, ट्रेजरी अधिकारी को लोखित रूप से शिकायती पात्र देकर मंडी परिषद के डीडीसी व अवर अभियंता की मनामानी पर रोक लगाने की मांग करने के साथ कहा है कि यह नियम विरुद्ध एवं अन्य ठेकेदार के साथ अन्याय है और निविदा की पारदर्शिता/नियम के विपरीत है।





