इल्म से मिलती है कामयाबी: मुफ्ती मन्नानी मियां

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दस्तार बंदी कार्यक्रम में हिफ्ज पूरा करने वाले छात्रों को पगड़ी बांध कर किया सम्मानित
महोबा । मदरसा मदीना हिफ्ज किराज मदरसा के पांच तलबा ;छात्रोंद्ध के कुरान हिफ्ज करने पर दस्तार बंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर भारी संख्या में आए आलिमों ने कुरआन हिफ्ज कराने वाले अध्याक व हाफिज कुरान होने वाले छात्रों को मुबारकबाद दी।इस मौके पर नातिया कलाम और तकरीर की गई, जहां पर भारी संख्या में लोगों ने पहुंचकर फैज हासिल किया।
जलसे में दरगाह आला हजरत बरेली से आये मौलाना मुहम्मद मन्नान रजा खान उर्फ मन्नानी मियां ने खिताब करते हुए कहा कि इन तलबा ने पूरे कुरान अपने सीने में उतार लिया है, कुरान को महफूज करना हाफिज की डिग्री है। कुरान के मरतबा को बताते हुए कहा कि कुरआन जीवन का संविधान है, और दस्तूरे हयात है, कुदरत का कानून है और हाफिज होना अजमत की बात है। हाफिजों के मां बाप खुशनसीब हैं कि उनका बेटा हाफिज हुआ है। कुछौछा यूपी से आये मौलाना सैयद मोहम्मद कासिम अशरफ ने कहा कि इल्म इंसान को कामयाबी का रास्ता दिखाती हैं। दीन.दुनियावी समाज में अच्छाई बुराई में फर्क सिखाती है कि क्या अच्छा क्या बुरा है। दुनिया में डाक्टर इंजीनियर, वकील डिग्री है तो दीनी तालीम में सबसे बड़ी डिग्री में हफीज की डिग्री हैं। मुफ्ती दारुल उलूम रब्बानियां सैयद गौहर रब्बानी ने अपने खिताब में कहा कि यह अल्लाह के रसूल मुहम्मद का मोहब्बत का पेगाम हैं। जलसा में मदरसा मदीना के तलबा;छात्रद्ध हिफ्ज करने वाले मुहम्मद अमन, मुहम्मद अरशद अत्तारी, मुहम्मद उवैस अत्तारी राठ, मुहम्मद शाबिर खान, मुहम्मद अब्दुल रहमान हिफ्ज की डिग्री दी। दस्तारबंदी में निस्वा कालेज जबलपुर मुफ्ती मुहदिदस नईमअख्तर, सैयद खुर्शतर रब्बानी, अबरार अहमद प्रिंसिपल दारुल उलूम रब्बानियां, सैयद अनवार रब्बानी हामिद रब्बानियाए दिलखुश कमाली हाफिज, अफरोज जयपुर राजस्थान, अब्दुल कादिर कादरी जामनगर गुजरात ने नाते एवं खिताब किया, वहीं मदरसा के प्रधानाचार्य करी मोहम्मद आरिफ मदरसा सदर रियाज अहमद ने सभी का शुक्रिया अदा किया निजामत आदिल जमील ने की।
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