हमीरपुर।बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों तथा दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर बुधवार को जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश की यूनुस सरकार का पुतला दहन कर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, मातृशक्ति सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों से जुड़े आधा सैकड़ा से अधिक कार्यकर्ता व नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रामदत्त पांडे ने कहा कि बांग्लादेश में सुनियोजित तरीके से हिंदू धर्म, सनातन संस्कृति, हिंदुओं के घरों, दुकानों, संस्थानों, पूजा स्थलों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल मानवता के विरुद्ध है, बल्कि वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील पाठक ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन आज उसी देश में हिंदुओं पर अत्याचार होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
जिला मंत्री अवधेश शर्मा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख उमेश दीक्षित ने कहा कि अब हिंदू समाज को अपने अस्तित्व और धर्म की रक्षा के लिए संगठित और जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सह जिला मंत्री अजय हिगवासिया एवं सरस्वती शरण द्विवेदी ने जाति-पात के भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट होने की अपील की। प्रदर्शन में भुवनेश शुक्ला, सुशील सोनी, सुनील त्रिपाठी, कौशलेंद्र, बजरंग दल प्रमुख सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में दुर्गा वाहिनी व मातृशक्ति की महिलाएं तथा हिंदूवादी विचारधारा से जुड़े लोग उपस्थित रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन वातावरण अत्यंत आक्रोशपूर्ण रहा। “हिंदू एकता जिंदाबाद” और “अत्याचार बंद करो” जैसे नारों से क्षेत्र गूंजता रहा।





