नीरज चोपड़ा ने किया कमाल, ओलिंपिक में भारत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से रचा इतिहास

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नीरज चोपड़ा ने किया कमाल, ओलिंपिक में भारत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से रचा इतिहास

नई दिल्ली। ओलिंपिक इतिहास में भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पूरी दुनिया ने देखा। टोक्यो ओलिंपिक 2020 भारत ने एथलेटिक्स में पहली बार व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता तो वहीं हाकी टीम ने पदक जीत कर खोई चमक फिर से वापस हासिल की। महिलाओं ने ओलिंपक में पदक हासिल किए तो नीरज चोपड़ा ने ऐसा इतिहास रचा जिसे ताउम्र याद रखा जाएगा।

कोरोना महामारी की वजह से एक साल के लिए स्थगित हुए टोक्यो ओलिंपिक का आयोजन 2021 में किया गया। इस महामारी की वजह से भारतीय खिलाड़ी भी प्रभावित हुए और घरों में सिमट कर रह गए। प्रैक्टिस की कमी हुई, मैच उतने नहीं हुए जितने होने चाहिए थे, कई खिलाड़ी कोविड से भी प्रभावित हुए, लेकिन इन सारी बाधाओं को बार करते हुए भारतीय एथलीटों ने टोक्यो में कमाल कर दिया।

एथलीटों के सबसे बड़े दल ने लिया हिस्सा

जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित ओलिंपिक में इस बार भारत की तरफ से सबसे बड़ा खिलाड़ियों का दल (124) टोक्यो पहुंचा था। यहां भारतीय एथलीटों ने इस प्रतियोगिता के इतिहास का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 7 मेडल अपने नाम किए।

मीराबाई चानू ने खोला मेडल का खाता

टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भारत के मेडल के खाने को पहले ही दिन महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू सिल्वर के साथ भरने की शुरुआत की। भारत की झोली में दूसरा मेडल भी महिला खिलाड़ी ने ही डाला। बैडमिंटन स्टार और पिछले ओलिंपिक की सिल्वर मेडल विजेता पीवी सिंधू ने कांस्य जीता। महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के बाद पहलवान रवि कुमार दाहिया ने भारत को मेडल दिलाया।

लंबे समय से अपनी पहचान हासिल करने को जूझ रही भारतीय हाकी टीम ने भी दमदार खेल दिखाया। महिला टीम पदक हासिल करने से चूकी लेकिन पुरुष टीम ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा बजरंग पूनिया भी देश के लिए पदक जीता। प्रतियोगिता के खत्म होन से पहले देश को सबसे बड़ी खुशी नीरज चोपड़ा से मिली। भालाफेंक में गोल्ड के साथ इस एथलीट ने भारतीय अभियान का सुखद अंत किया।