इंदिरा मैराथन में भैंरो सिंह और ज्योति गावते ने छह-छह बार गोल्ड जीत लहराया परचम

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इंदिरा मैराथन में भैंरो सिंह और ज्योति गावते ने छह-छह बार गोल्ड जीत लहराया परचम

अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। इंदिरा मैराथन धावकों के लिए स्वर्णिम उपलब्धियों का शानदार तोहफा देता रहा है। यहां धावक गुच्छों में गोल्ड जीता करते हैं। महिला व पुरुष दोनों वर्गों में धावकों ने हैट्रिक और डबल हैट्रिक से रिकार्डों की झड़ी लगा दी है। यहां जो भी धावक गोल्ड जीतता है, वह सामान्यत: अगले वर्ष होने वाली प्रतियोगिता में फिर से गोल्ड जीत जाता है। कुछ लोग इसे किस्मत और इंदिरा मैराथन के साथ जुड़ी विशेष घटना कहते हैं।

पहले दो वर्ष बिहार के स्वरूप सिंह ने जीत हासिल की थी

1985 में पूर्व पीएम राजीव गांधी ने इंदिरा मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तो पहले दो वर्ष बिहार के स्वरूप सिंह ने जीत दर्ज की। 1993 में सेना के अभय सिंह ने इंदिरा मैराथन जीती और पहली हैट्रिक लगाने के साथ 1997 तक लगातार चार मैराथन जीतने का रिकार्ड अपने नाम किया। सन 2000 में सदी बदलने के साथ रेलवे के धावक भैरो सिंह लोने ने 2005 तक लगातार पांच इंदिरा मैराथन जीती और 2006 में छठवीं बार मैराथन अपने नाम की। 2010-12 तक अरविंद कुमार ने जीत की हैट्रिक पूरी की। महिला वर्ग हाफ मैराथन में 1993-95 तक नीलाम्मा एल ने जीत की पहली हैट्रिक लगाई। 2002 से 2004 तक एच संगनी देवी ने इंदिरा मैराथन में अपनी जीत की हैट्रिक पूरी की, 2006 में संगनी देवी ने चौथी बार गोल्ड जीता था। 2013-17 तक महाराष्ट्र की ज्योति शंकर गवते ने जीत की पहली डबल हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया और मैराथन में डबल हैट्रिक पूरी करने वाली वह पहली महिला बन गई। इसके अलावा सुकन्या, रीना दास, शास्त्री देवी, सत्यभामा, चारू लता, अनीषा देवी जैसे खिलाड़ियों ने दो-दो बार मैराथन जीती। इंदिरा मैराथन की शुरूआत 1985 में शुरू हुई। इसमें धावक 42.195 किमी दूरी तय करते हैं। विजेताओं को प्रथम पुरस्कार में दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार में एक लाख और तृतीय पुरस्कार के रूप में 75 हजार रुपए मिलते हैं।

इस बार राहुल और श्यामली सिंह दावेदार

इंदिरा मैराथन में लगातार जीत दर्ज करने के रिकार्ड को देखते हुए पिछले बार के विजेताओं को इस बार भी जीत का प्रबल दावेदार है। पुरुषों में सेना के राहुल कुमार पाल व महिला वर्ग में श्यामली सिंह ने 2019 की 35 वीं इंदिरा मैराथन में गाेल्ड जीता था। कोविड के कारण 2020 में प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हुआ था। इस बार दावेदारों में गाजीपुर के हरेंद्र चौहान, पुणे के हेतराम, वीएस धोनी, रशपाल सिंह और करन सिंह, महिलाओं में स्थानीय धावक नीता पटेल, हरियाणा की अनीता रानी, रानी यादव, अनीता चौधरी शामिल हैं।