डॉक्यूमेंट्री को अकादमिक और मानवाधिकार मंचों पर भी मिली है मान्यता
सिद्धार्थनगर। सदर विधानसभा से पूर्व विधायक स्व० ईश्वर चन्द शुक्ल के पौत्र व जिले के उसका बाज़ार विकास खण्ड के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रभात शुक्ल के पुत्र विनीत शुक्ला ने यूनाइटेड किंगडम के शेफील्ड शहर में बेघर लोगों की ज़िंदगी, सामाजिक उपेक्षा और सहायता संस्थाओं की भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री बनाकर धमाल मचा दिया है।
निर्देशक विनीत शुक्ला की यह फिल्म सड़कों पर रह रहे लोगों की व्यक्तिगत कहानियों के साथ-साथ यह भी दिखाती है कि एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं और सरकारी नीतियाँ इस समस्या से निपटने की कोशिश कैसे कर रही हैं। फिल्म का उद्देश्य सहानुभूति पैदा करना और समाज को ज़िम्मेदारी की ओर प्रेरित करना है। यह फिल्म केवल एक रचनात्मक प्रयास नहीं है, बल्कि सामाजिक शोध और जनहित से जुड़ा डॉक्यूमेंट्री कार्य है, जिसे अकादमिक और मानवाधिकार मंचों पर भी मान्यता मिली है।
विनीत शुक्ला एक UK-आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और रिसर्चर हैं, जो शहरी जीवन, सामाजिक असमानता और अदृश्य श्रम जैसे विषयों पर काम कर रहे हैं। फिल्ममेकर विनीत शुक्ला की डॉक्यूमेंट्री फिल्म “No Place Like Home: In Search of a Safe Haven” यूनाइटेड किंगडम के शेफील्ड शहर में बेघर लोगों की ज़िंदगी पर आधारित है। यह फिल्म सड़कों पर रहने वाले लोगों की व्यक्तिगत कहानियों के साथ-साथ सहायता संस्थाओं और सरकारी नीतियों की भूमिका को भी सामने लाती है।
इस फिल्म को जर्मनी के गैर-लाभकारी संगठन Knowmad Institut द्वारा आयोजित मानवाधिकार शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2024 में पुरस्कार मिला है और यह Lift-Off Global Sessions 2025 के लिए भी चयनित हुई है। इसके अलावा, फिल्म को इंटरनेशनल कम्युनिकेशन एसोसिएशन (ICA) से जुड़े एक अकादमिक कॉन्फ्रेंस में स्क्रीनिंग और चर्चा के लिए चुना गया है। नौगढ़ जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँची यह डॉक्यूमेंट्री सामाजिक सरोकार और मानवीय कहानियों की वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाती है।





