Thursday, March 19, 2026
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चीन जा रहे थे रूस के सात तेल टैंकर, अचानक भारत की तरफ क्यों लिया U-turn? Inside Story

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट मिलने के बाद चीन जा रहे सात रूसी तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। चीन जा रहे कम से कम सात रूसी तेल टैंकरों ने बीच में ही रास्ता बदल लिया है और अब वे भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए नए सिरे से प्रयास रहा है और अमेरिका ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनी वोर्टेक्सा लिमिटेड ने इन जहाजों के परिवर्तित मार्गों को देखा है।

कहां जा रहे थे टैंकर?

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन सात रूसी टैंकरों में मध्यम आकार वाला क्रूड आयल टैंकर ‘एक्वा टाइटन’ भी है जो 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंचने वाला है। इस टैंकर में जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से तेल भरा गया था और यह मूल रूप से चीन के राइझाओ बंदरगाह जा रहा था।

लेकिन भारत को अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की छूट मिलने के बाद इसने मार्च के मध्य में यू-टर्न ले लिया। एक अन्य आयल टैंकर ‘स्वेजमैक्स जोऊ जोऊ एन’ गुजरात में जामनगर स्थित सिक्का बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है और इसके 25 मार्च तक वहां पहुंचने की संभावना है। इसने मार्च की शुरुआत में ही अपना मार्ग बदल लिया था।

इस टैंकर में कजाक सीपीसी ब्लैंड क्रूड है। इसने रूस के काला सागर में नोवोरोस्सियस्क से चीन के ही राइझाओ बंदरगाह के लिए यात्रा शुरू की थी। भारत ने इस वर्ष की शुरुआत में रूसी तेल खरीद में कटौती के बाद अब सिर्फ एक सप्ताह के भीतर ही तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीद लिया है।

रूस से घटा तेल आयात

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत के चलते जनवरी में भारत का रूस से कुल तेल आयात घटकर 21 प्रतिशत रह गया था। जैसे-जैसे भारत ने अपनी खरीद कम की, चीन ने रूसी तेल पर मिल रही भारी छूट का लाभ उठाया।

लेकिन अब अमेरिका ने और भी देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट दे दी है तो प्रतिस्पर्धा भी तेज होती जा रही है क्योंकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी रूसी तेल खरीदने की दौड़ में शामिल हो गए हैं।

होर्मुज से एक ओर टैंकर पहुंचा भारत

होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारतीय ध्वज वाला एक और जहाज ‘जग लाड़की’ बुधवार को गुजरात में मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह पोर्ट से 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है।

मंगलवार को एलपीजी कैरियर ‘नंदा देवी’ गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित वडिनार पोर्ट पर पहुंचा था, जो 46,500 मीट्रिक टन गैस लेकर आया था। वहीं सोमवार को एक अन्य जहाज ‘शिवालिक’ लगभग इतनी ही एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था।

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