Sensitive Decision of Yogi Adityanath Government उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इससे न सिर्फ दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी बल्कि यह उनके जीवन भर के योगदान को भी एक सम्मानजनक मान्यता देगा। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने तय किया है कि सेवा के दौरान 60 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले मृत्यु होने से पहले शिक्षक के निधन पर उनके परिवार को मृत्यु उपदान (डेथ ग्रेच्युटी) दिया जाएगा।
सरकार का यह कदम न केवल मृतक शिक्षकों के परिवारीजन को आर्थिक सहायता प्रदान करेगा, बल्कि राज्य सरकार की मानवीय और सहयोगी सोच का भी परिचायक है। इस फैसले से उन शिक्षकों के परिवारों को भी लाभ मिलेगा, जिन्होंने सेवा विस्तार यानी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का विकल्प चुना था, लेकिन विकल्प बदलने की तय समय-सीमा से पहले ही उनका निधन हो गया। अभी तक ऐसी स्थिति में कोई सहायता नहीं दी जाती थी। इसकी मांग काफी समय से शिक्षक संगठन कर रहे थे।
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने सोमवार को यह आदेश जारी किया। आदेश में बताया गया है कि किन परिस्थितियों में दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को यह लाभ मिलेगा। यह निर्णय कई पुराने शासनादेशों और निदेशक स्तर से भेजे गए प्रस्तावों के गहन परीक्षण के बाद लिया गया है।
आदेश में साफ किया गया है कि यह लाभ ऐसे शिक्षक जिन्होंने रिटायरमेंट का कोई विकल्प नहीं चुना था और जिनकी मृत्यु 58 वर्ष की उम्र से पहले हो गई। वे शिक्षक जिन्होंने 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना था, लेकिन विकल्प बदलने की निर्धारित समय सीमा से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।
तीन फरवरी 2004 के बाद ऐसे शिक्षक जिन्होंने सेवानिवृत्ति का कोई विकल्प नहीं दिया था और 60 वर्ष की आयु से पहले निधन हो गया। वे शिक्षक जिन्होंने 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना था, लेकिन विकल्प बदलने की समयसीमा से पहले ही मृत्यु हो गई। इन सभी मामलों में मृतक शिक्षकों के परिजनों को डेथ ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश के अनुसार पात्र मामलों में समय से कार्यवाही कर परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इससे न सिर्फ दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि यह उनके जीवन भर के योगदान को भी एक सम्मानजनक मान्यता देगा। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि निदेशक, उच्च शिक्षा को इस आदेश के अनुपालन के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।