Friday, March 27, 2026
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विधान परिषद निर्वाचन-2022 के तहत मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण सम्पन्न

 

अवधनामा संवाददाता

कार्मिकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से निर्वाचन की बारीकियों से कराया गया रुबरु
कार्मिकों को निर्वाचन के दौरान निश्पक्ष रहने व सौंपे गए दायित्वों को
गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने के दिये गए निर्देश
ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी/प्रभारी अधिकारी कार्मिक/प्रशिक्षण अनिल कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में विधान परिषद निर्वाचन-2022 झांसी-जालौन-ललितपुर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मतदान कार्मिकों (पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं माइक्रो ऑब्जर्वर) का द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी के.एन.पाण्डेय ने प्रोजेक्टर पर पी.पी.टी. के माध्यम से समस्त मतदान कार्मिकों को विधान परिषद निर्वाचन की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि विधान परिषद निर्वाचन 2022 मतपत्र एवं मत पेटी के माध्यम से सम्पन्न होगा। यह चुनाव मतपत्र एवं मतपेटी का प्रयोग करते हुये परम्परागत तरीके से सम्पन्न किया जाना है। मतदान पार्टी मे पीठासीन अधिकारी सहित निम्नलिखित कुल 4 सदस्य रहेंगे जिनमें पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी- प्रथम, मतदान अधिकारी- द्वितीय, मतदान अधिकारी- तृतीय एवं प्रत्येक मतदेय स्थल पर एक माइक्रो ऑब्जर्वर एवं एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे। उक्त मतदान दल के सदस्य मतदेय स्थल पर ही निवास करेंगे
तथा किसी राजनीतिक दल अथवा स्थानीय व्यक्ति का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे। आपके भोजन की व्यवस्था मतदेय स्थल पर उपलब्ध रहेगी। पार्टी रवानगी 08 अप्रैल 2022 को जिला निर्वाचन कार्यालय से 10 बजे होगी, सभी मतदान अधिकारी निर्धारित समय पर अपने साथियों की तलाश कर पार्टी पूर्ण करेंगे, मतपेटिका एवं निर्वाचन सामग्री प्राप्त कर सूची से प्राप्त सामग्रियों का मिलान करेंगे। यह सूची स्टेशनरी के साथ मिलेगी। 09 अप्रैल 2022 सुबह 08 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। पीठासीन अधिकारी को अपनी पार्टी के साथ, जिसमें पुलिस कर्मचारी भी होंगे, मतदान केंद्र पर मतदान की
प्रारम्भिक कार्यवाही आधे घन्टे पूर्व से प्रारम्भ करेंगे। मतदान के प्रारंभ होने से पूर्व पीठासीन अधिकारी उपस्थित मतदान अभिकर्ताओं और अन्य व्यक्तियों को यह निर्देशित करेंगे कि मतपेटी खाली है और उस पर निर्दिष्ट लेबल लगे हैं। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्र में मतदान प्रक्रिया के संचालन एवं नियंत्रित करने हेतु पीठासीन अधिकारियों को सम्पूर्ण विधिक शक्तियां प्राप्त है। पीठासीन अधिकारी मतदान केन्द्र में घटित होने वाली
समस्त गतिविधियों के प्रति पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। मतदान अधिकारी प्रथम निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति का प्रभारी होगा और निर्वाचक की पहचान के लिए उत्तरदायी होगा। मतदान केन्द्र में प्रवेश करने पर निर्वाचक सीधे मतदान अधिकारी प्रथम के पास आयेगा। मतदान अधिकारी प्रथम निर्वाचक के द्वारा बताये गये विवरण एवं पहचान पत्र से मिलान करेगा तथा निर्वाचक का नाम जोर से पढ़ेगा। मतदान अधिकारी द्वितीय मतपत्रों का प्रभारी होगा। मतदान अधिकारी द्वितीय मतपत्र के प्रतिपर्ण पर मतदाता के निर्वाचक नामावली की निर्दिष्ट भाग संख्या एवं क्रम संख्या दर्ज करते हुये मतदाता से हस्ताक्षर/अंगूठा निशान अंकित करवायेंगे। मतदान अधिकारी तृतीय नमूनाहस्ताक्षर एवं मतपेटी का प्रभारी होगा। मतदान अधिकारी तृतीय मतदाता के नमूना हस्ताक्षर प्रमाणित करने में मतदान अधिकारी द्वितीय का सहयोग करेगा तथा मतदाता को मतदान कक्ष में जाने की अनुमति द्वितीय मतदान अधिकारी द्वारा जारी मतपत्र के आधार पर देगा। ऐसे मतपत्र जिन पर पीठासीन अधिकारी की मुहर लग चुकी है और वे प्रयोग नहीं किये गए हैं, उनको अलग लिफाफे में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आदेश में सभी पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों के नाम व नम्बर दिये गए हैं, आवश्यकता पडऩे पर उनसे सम्पर्क करें। पीठासीन अधिकारी अपनी बुकलेट का भलीभांति अध्ययन कर लें, साथ ही अपने कार्डों पर हस्ताक्षर अवश्य करा लें अन्यथा वह कार्ड अनाधिकृत माना जाएगा। मतदान केन्द्र हेतु अधिकृत व्यक्ति बुलाये जाने पर ही मतदान केन्द्र में प्रवेश करेंगे। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर प्रत्येक निर्वाचन के लिए किसी एक समय पर केवल एक मतपेटी रखी जायेगी। मतपेटी के अन्दर एक पते का टैग रखा जायेगा जिसमें पहचान के लिए सभी विवरण हों। एक पते वाला टैग, जिसमें सभी विवरण दिये गये हों, मतपेटी के हत्थे में बांध दिया जाना चाहिये। एक पर्चा जिसमें निर्वाचन क्षेत्र का नाम, मतदान केन्द्र की क्रम संख्या तथा नाम, मतदान केन्द्र की क्रम संख्या तथा नाम, मतदान की तारीख
एवं मतपेटी की क्रम संख्या का विवरण हो, मतपेटी के अन्दर और बाहर चिपकाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की विशेष परिस्थितियों एवं प्रतिक्रियाओं के बारे में जानकारी देते हुए चैलेंज वोट, टेण्डर वोट, निरंक्षर, दृष्टिबाधित व अशक्त मतदाताओं द्वारा मतदान, मत देने से इंकार, पीठासीन की डायरी भरने सम्बंधी निर्देश, मतदाताओं द्वारा मतदान की
गोपनीयता बनाये रखने, मतदान समाप्ति से पहले एवं बाद के निर्देशों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके उपरान्त मतदान कार्मिकों को डमी मतपेटी के माध्यम से उसे खोलने व बंद करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
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