25 लाख की आबादी, फिर भी इलाज को तरसता सम्भल — AIIMS की माँग बुलंद
उत्तर प्रदेश के सम्भल ज़िले में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के अभाव ने गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। लगभग 25 लाख की आबादी वाले सम्भल ज़िले और 12 लाख से अधिक जनसंख्या वाली सम्भल तहसील में आज तक न तो AIIMS है और न ही कोई सुपर स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल। इस गंभीर स्थिति को लेकर सामाजिक एवं RTI कार्यकर्ता सैयद गुलज़ार अहमद हाशमी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार में औपचारिक शिकायत दर्ज कर AIIMS अथवा उच्च स्तरीय सरकारी अस्पताल की स्थापना की ज़ोरदार माँग की है।
सैयद गुलज़ार अहमद हाशमी ने कहा कि सम्भल जैसे बड़े और घनी आबादी वाले ज़िले में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मुरादाबाद, अलीगढ़ और दिल्ली तक रेफर किया जाना यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। सड़क दुर्घटनाओं, हृदय रोग, प्रसव संबंधी जटिलताओं और अन्य आपात स्थितियों में समय पर इलाज न मिलने से कई मरीज रास्ते में ही अपनी जान गंवा देते हैं, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सम्भल सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहाँ अधिकांश नागरिक महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ हैं। सरकारी स्तर पर AIIMS या कम से कम एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना न केवल सम्भल बल्कि आसपास के जनपदों के लाखों नागरिकों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। सैयद गुलज़ार अहमद हाशमी ने केंद्र सरकार से अपील की कि जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और जनहित को ध्यान में रखते हुए सम्भल को प्राथमिकता दी जाए और यहाँ शीघ्र AIIMS अथवा आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि आम जनता को समय पर सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।





