मेयर संजीव वालिया की घोषणा का किया जोरदार स्वागत

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शिक्षकदिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक विशंभर सिंह के नाम पर मार्ग का नामकरण

अवधनामा संवाददाता

सहारनपुर(Saharanpur)। शिक्षक वही नहीं जो स्कूल में पढ़ाते हैं, बल्कि सभी अनुभव वृद्ध, ज्ञानवृद्ध और वयोवृद्ध जिनसे हम जीवन को प्रकाशित करने के लिए कुछ सीख पाते हैं, ऐसे लोग सिर्फ शिक्षक नहीं अनुभव के विश्वविद्यालय हैं।

आज शिक्षक दिवस पर मोक्षायतन योग संस्थान में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा राधाकृष्णन व उनके हाथों पहला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान पाने वाले सहारनपुर वासी शिक्षक पंडित विश्वंभर सिंह को याद करते हुए उनसे प्रेरणा लेते रहे 94 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश प्रभाकर के सम्मान में योगगुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण ने ये कहा। प्रभाकर के संबोधन का लाभ लोगों ने मंत्रमुग्ध होकर लिया। प्रभाकर ने गुरुदेव पंडित विश्वंभर सिंह और राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाए और कहा कि पंडित की शैली शैलियों के शैलीकार कन्हैयालाल प्रभाकर को भी प्रेरित करती थी, उन्होंने कहा कि पंडित शिक्षक के रूप में आज भी जीवंत है।

कार्यक्रम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस बात के लिए महापौर संजीव वालिया व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह और क्षेत्रीय पार्षद अधिक राजपूत की सराहना की गई कि शिक्षकदिवस पर उन्होंने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने पहला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान पाने वाले सहारनपुर के शिक्षक पंडित विश्वंभरसिंह के नाम पर बीज गोदाम सुक्खुपुरा रंजीत नगर मार्ग का नामकरण करने व उनकी स्मृति में राष्ट्रीय शिक्षक पंडित विश्वंभर सिंह द्वार बनाए जाने की घोषणा की है। महापौर संजीव वालिया ने इस संबंध में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये सुखद संयोग है कि पण्डित विशंभर सिंह नगर पालिका द्वारा संचालित जूनियर हाई स्कूल के ही प्रधानाध्यापक रहे और उनकी सेवाओं का लाभ लेने के लिए दो बार उनका सेवाकाल भी बढ़ाया गया था और आज नगर निगम ही उनके नाम पर शिक्षक द्वार व मार्ग का नामकरण करने की पहल कर रहा है। ज्ञातव्य है कि पण्डित विशंभर सिंह अन्तर्राष्ट्रीय योग गुरू पद्मश्री भारत भूषण के पिता थे। पार्षद अशोक राजपूत ने  कहा कि नगर निगम को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले सहारनपुर के प्रथम शिक्षक के सम्मान में द्वार बनाने और उनके नाम पर मार्ग का नामकरण किये जाने से जिले भर के शिक्षकों का भी मान बढ़ेगा और अन्य शिक्षकों को भी उनके जीवन से प्रेरणा मिलेगी। समारोह में मुख्यतरू एन के शर्मा, इं पवन कुमार, डा अशोक गुप्ता, टेक्नोक्रेट डी के बंसल, विजय सुखीजा, रॉक्सी सिंह, अजीत शर्मा, अनीता शर्मा, खुशबू, सुनीता सिंघानिया, अमित शर्मा, अरशद मलिक, ललित वर्मा, राजेश अरोरा, सुमन्यु सेठ, इं अमरनाथ, सुभाष वर्मा, सुगंध, आदि उपस्थित रहे।