सैयद अली खामेनाइ की याद में निकाला गया कैंडल मार्च
लखनऊ। द मदर सहयोग गाइडेंस की ओर से शहर के एक यतीमखाने में रोज़ा इफ्तार का आयोजन बड़े ही सादगी और भाईचारे के माहौल में किया गया। इस अवसर पर रोज़ेदारों के लिए विशेष इफ्तार की व्यवस्था की गई, जिसमें खजूर, फल, शरबत और विभिन्न व्यंजन शामिल रहे। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, उलेमा-ए-किराम और स्थानीय नागरिकों ने शिरकत कर बच्चों के साथ रोज़ा खोला तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए दुआ की।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और आपसी मोहब्बत का पैग़ाम देता है। ऐसे में यतीम बच्चों के साथ इफ्तार करना न केवल सवाब का काम है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। इस मौके पर बच्चों को जरूरत का सामान भी वितरित किया गया।
इफ्तार कार्यक्रम के बाद संस्था की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनई की याद में एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके नेतृत्व और वैश्विक मुद्दों पर उनके रुख को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और न्याय की अपील की। कार्यक्रम का समापन देश-दुनिया में अमन-ओ-अमान और इंसानियत की भलाई की दुआ के साथ हुआ। संस्था के सदस्यों ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक और मानवीय कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
आज कैसे कार्यक्रम में यासिर हुसैन, मेराज आगा, सालिहा रिज़वी, मनाल ज़हरा, आलम रिज़वी मोहम्मद सादिक, ज़मन, बतूल सालिम, अली अब्बास मौजूद रहे। लखनऊ। द मदद सहयोग गाइडेंस की तरफ सेपुराने लखनऊ स्थित शिया यतीम खाने में रोज़ा इफ्तार का आयोजन बड़े ही सादगी और भाईचारे के माहौल में किया गया। इस अवसर पर रोज़ेदारों के लिए विशेष इफ्तार की व्यवस्था की गई, जिसमें खजूर, फल, शरबत और विभिन्न व्यंजन शामिल रहे। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, उलेमा-ए-किराम और स्थानीय नागरिकों ने शिरकत कर बच्चों के साथ रोज़ा खोला तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए दुआ की।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और आपसी मोहब्बत का पैग़ाम देता है। ऐसे में यतीम बच्चों के साथ इफ्तार करना न केवल सवाब का काम है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। इस मौके पर बच्चों को जरूरत का सामान भी वितरित किया गया।
इफ्तार कार्यक्रम के बाद संस्था की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनई की याद में एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट भी किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके नेतृत्व और वैश्विक मुद्दों पर उनके रुख को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और न्याय की अपील की।
कार्यक्रम का समापन देश-दुनिया में अमन-ओ-अमान और इंसानियत की भलाई की दुआ के साथ हुआ। संस्था के सदस्यों ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक और मानवीय कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया। आज कैसे कार्यक्रम में यासिर हुसैन, मेराज आगा, सालिहा रिज़वी, मनाल ज़हरा, आलम रिज़वी मोहम्मद सादिक, ज़मन, बतूल सालिम, अली अब्बास मौजूद रहे।





