क्लाइमेट चेंज से दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा
अम्बेडकरनगर जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या बन चुका है. बढ़ता तापमान, असंतुलित मौसम और प्रदूषण न सिर्फ पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि हमारी सेहत पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन से दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ज्यादा गर्मी हार्ट की हेल्थ के लिए ठीक नहीं है. जनपद अंबेडकर नगर के माने जाने हॉट विशेषज्ञ डॉक्टर आशुतोष शुक्ला का कहना है कि तापमान बढ़ने पर शरीर पर असर देखने को मिलता है.
इससे हमारा शरीर गर्म होने लगता है. ऐसे में शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यह स्थिति उनके लिए ज्यादा खतरनाक होती है, जो पहले से ही किसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं. बढ़ती गर्मी से ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक या अन्य हार्ट का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर आशुतोष शुक्ला का कहना है कि मौसम विभाग ने इस साल ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका जताई है. मार्च में ही कई हिस्सों में तापमान बढ़ा हुआ है.कई जिले में तो मार्च में ही तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है.
भीषण गर्मी से कई समस्याएं हो सकती हैं. डॉ आशुतोष शुक्ला द्वारा बताया गया जो व्यस्क हैं उन्हें दिन भर में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए, वहीं बच्चे को 1 से 2 लीटर पानी पीना चाहिए. इसके अलावा दही, छाछ, लस्सी, फलों के जूस का सेवन से हाइड्रेशन मेंटेन रहता है.घर से आप निकलते समय पानी और खाना साथ लेकर निकलें. गर्मी में बाहर के चीजों को खाने पीने से बचें. बाहर के खाने पीने से इन्फेक्शन का खतरा रहता है. गर्मी में बाहर के खाना खाने से कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं जैसे टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया, जिससे उल्टी दस्त होना शुरू हो जाता है. इससे बचने के लिए अपना खाने पीने का ध्यान रखें. घर का ही खाना खाएं.