सिद्धार्थनगर। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति, मात्र शासकीय और विभागीय नियमों से मुक्ति का नाम है। वास्तव में शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह सदैव अपने ज्ञान, संस्कार, आचरण और अनुभव से सभ्य समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देता है, इसलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता और मार्गदर्शक कहा जाता है।
उपरोक्त आशय का विचार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने ब्लॉक संसाधन केन्द्र बर्डपुर के सभागार में प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक/महिला शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई बर्डपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
विशिष्ठ अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी अभिनय कुमार सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक अपने पदीय दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें, क्योंकि शिक्षकों के ऊपर सभ्य समाज और राष्ट्र निर्माण की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वेतन बकाया आदि वित्तीय समस्याओं की चिंताओं से मुक्त होकर पूरे मनोयोग से दायित्वों का निर्वहन करें।
बतौर मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार एवं विशिष्ट अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी अभिनय कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त होने वाले प्राथमिक विद्यालय पिपरी से प्रधानाध्यापक शमशुलहक, पिछौरा से जग्गल प्रसाद, कंपोजिट विद्यालय झंगटी से प्रधानाध्यापक कृष्णानंद, अहिरौली से भारत प्रसाद को फूल माला पहनाकर एवं बैज अलंकरण के पश्चात शॉल, संपूर्ण अंगवस्त्र, धार्मिक ग्रंथ, पेन, डायरी आदि भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ आयु की कामना के साथ ससम्मान सेवानिवृत्त होने पर बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान राजकीय इण्टर कॉलेज दुल्हा शुमाली के प्रधानाचार्य अजय कुमार श्रीवास्तव, जिला समन्वयक अमित कुमार शुक्ला, अभिनव श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, इश्तियाक अहमद, दुर्गेश आजाद, अब्दुल अज़ीज़, महेश कुमार, हीरामणि, केशव प्रसाद मिश्र, राम सेवक, ज़ुबैर अहमद उस्मानी, सालिक राम चौधरी, सेराज अहमद, शमशुल हक़, पंकज यादव, फौजिया नाज़, नगमा बानो, कामिनी गुप्ता, ममता श्रीवास्तव आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





