Thursday, January 22, 2026
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Reliance की उदयम्स एग्रो फूड्स में हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी, टाटा-MTR से करेगी मुकाबला

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ₹668 करोड़ में उदयम्स एग्रो फूड्स में अधिकांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। यह सौदा रिलायंस की कैम्पा सॉफ्ट ड्रिंक्स और वेल्वेट शैंपू जैसी डील्स के समान होगा, जिसमें कंपनी पहले रीजनल मार्केट में प्रवेश करती है। उदयम्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और एमटीआर से मुकाबला करती है। रिलायंस रिटेल ने हाल ही में अपने एफएमसीजी बिजनेस को नई आरसीपीएल में ट्रांसफर किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की कंज्यूमर प्रोडक्ट्स यूनिट, ₹668 करोड़ की वैल्यू वाली स्टेपल्स, स्नैक्स और रेडी-टू-कुक ब्रेकफास्ट मिक्स बनाने वाली कंपनी उदयम्स एग्रो फूड्स (Udhaiyams Agro Foods) में अधिकांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह संभावित डील मीडियम साइज की होगी।

यह डील रिलायंस की दूसरी डील्स की तरह होगी, जिसमें कैम्पा सॉफ्ट ड्रिंक्स और वेल्वेट शैंपू शामिल हैं। ऐसी डील के जरिए कंपनी पहले रीजनल मार्केट में एंट्री करती है और फिर इसे पूरे देश में लॉन्च करती है

Tata समेत इनसे होता है मुकाबला

चेन्नई की उदयम्स क्षेत्रीय बाजारों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, iD फ्रेश फूड और MTR से मुकाबला करती है। रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस के साथ डील के बाद प्रमोटर एस सुधाकर और एस दिनकर कंपनी में माइनॉरिटी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।

इसकी पेरेंट कंपनी श्री लक्ष्मी एग्रो फूड्स ने इस साल जुलाई में उदयम्स एग्रो फूड्स को एक अनलिस्टेड प्राइवेट एंटिटी के तौर पर शुरू किया था, जिसमें सुधाकर और दिनकर इसके फाउंडिंग डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं।

रिलायंस रिटेल ने ट्रांसफर किया FMCG बिजनेस

रिलायंस रिटेल ने हाल ही में अपने FMCG बिजनेस को New RCPL में ट्रांसफर कर दिया है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक नई बनाई गई डायरेक्ट सब्सिडियरी है। ऐसा उसने अपने पैक्ड कंज्यूमर बिजनेस पर फोकस बढ़ाने के लिए किया है, जिसमें कैम्पा के तहत बेवरेजेज, श्योर वॉटर और स्पिनर स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, फूड ब्रांड्स सिल जैम, लोटस चॉकलेट और एलन’स बगल्स चिप्स, वेल्वेट पर्सनल केयर, और टियारा ब्यूटी शामिल हैं।

बड़ी पुरानी कंपनियों के सामने चैलेंज

कंज्यूमर सेक्टर में बड़ी पुरानी कंपनियाँ खुद को तेजी से काम करने वाले लोकल और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स से खतरा महसूस कर रही हैं, जो प्राइसिंग, डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूशन और क्विक कॉमर्स के मामले में मुकाबला करती हैं। छोटे प्लेयर्स को लुभाया जा रहा है। ऐसे छोटे प्लेयर्स को बड़े प्रतिद्वंद्वी और निवेशक लुभा रहे हैं। इसके कुछ उदाहरण हैं। जैसे कि मामाअर्थ पर्सनल केयर की ओनर होनसा कंज्यूमर ने पिछले हफ्ते पुरुषों के पर्सनल केयर ब्रांड रेजिनाल्ड मेन की पेरेंट कंपनी BTM वेंचर्स को खरीद लिया, जबकि गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने पिछले महीने मेल ग्रूमिंग ब्रांड Muuchstac को खरीदा। डाबर ने हाल ही में डाबर वेंचर्स लॉन्च करने की घोषणा की है, जो डिजिटल-फर्स्ट या रीजनल कंज्यूमर ब्रांड्स को खरीदने के लिए ₹500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है। रिलायंस भी इस तरह की डील पहले कर चुकी है।

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