गुसियारी। पवित्र माह रमज़ान के दौरान कस्बा गुसियारी स्थित जहानिया मस्जिद में तरावीह की नमाज़ के साथ कुरआन शरीफ मुकम्मल होने पर धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। हाफिज हसरत ने पूरे रमज़ान तरावीह में कुरआन पाक सुनाकर मुकम्मल किया, जिस पर अकीदतमंदों ने उन्हें दिली मुबारकबाद पेश की।
तरावीह मुकम्मल होने के बाद मस्जिद परिसर में एक सादा लेकिन रूहानी जलसा आयोजित किया गया, जिसमें गांव के कोने-कोने से रोजेदार पुरुषों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर हाफिज हसरत का फूल-मालाओं और तोहफों के साथ भव्य इस्तकबाल किया गया तथा उन्हें इनामात भी पेश किए गए।
कार्यक्रम में मौजूद उलेमा-ए-किराम और बुजुर्गों ने कुरआन की तिलावत, उसकी तालीमात और रमज़ान की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि कुरआन सिर्फ पढ़ने की किताब नहीं, बल्कि जिंदगी को सही राह दिखाने वाला मुकम्मल दस्तूर है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान मस्जिद और आसपास का माहौल दीनियत और इबादत की रौनक से सराबोर रहा। रमज़ान की बरकतें और खुशी हर तरफ साफ नजर आईं।





