वहाज अली निहाल
इटावा। जनपद पुलिस द्वारा सुदिती ग्लोबल इंटर कॉलेज में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम दोपहर 01:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें अंतरराष्ट्रीय साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टण्डन द्वारा साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों,उनकी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी रोकथाम उपायों पर सरल एवं प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन,कानपुर की वर्चुवल उपस्थिति एवं श्रीमान पुलिस उपमहानिरीक्षक,कानपुर रेंज,कानपुर हरीश चन्दर की उपस्थिति रही।इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश रजत कुमार जैन जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी,विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि,एक्स आर्मी, एडवोकेड,स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।साइबर विशेषज्ञ रक्षित टण्डन द्वारा प्रशिक्षण एवं लाइव डेमो कार्यक्रम के दौरान साइबर एक्सपर्ट रक्षित टण्डन(Cyber Security Expert)द्वारा एक विस्तृत सत्र आयोजित किया गया,जिसमें उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग,OTP ठगी,सुरक्षित पासवर्ड प्रबंधन,सोशल इंजीनियरिंग,फेक लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़ी ठगी के तरीकों की गहन जानकारी दी।लाइव डेमो के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार UPI फ्रॉड,फेक कॉल,SMS स्कैम और फिशिंग ईमेल के जरिए नागरिकों को ठगा जाता है, तथा उनसे बचने के लिए कौन-कौन से सावधानीपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के 3S फॉर्मूला Stop, Scan,Share Wisely को अपनाने की सलाह दी, जिससे वे किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि से सुरक्षित रह सकें।मुख्य अतिथियों का सम्बोधन अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन,कानपुर की वर्चुवल उपस्थित में कहा गया कि साइबर जागरूकता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।पुलिस विभाग आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांत पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।हर नागरिक को अपने मोबाइल, बैंकिंग ऐप्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए,ताकि ठगों के जाल में न फँसें।
महोदय ने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in)अथवा डायल 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सूचना देकर राहत प्राप्त की जा सकती है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को सम्बोधित करते हुये कहा गया कि यह गर्व का विषय है कि डीजीपी सर ने जनपद इटावा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर अपना कुशल नेतृत्व प्रदान किया है, महोदय ने अपने कार्यकाल के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था एवं पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण एवं प्रभावी योगदान दिया है।वर्चुअल माध्यम से पुलिस महानिदेशक,उ0प्र0 का सम्बोधन पुलिस महानिदेशक,उत्तर प्रदेश द्वारा वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया गया व अपने सम्बोधन में प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की प्रकृति,बचाव उपायों एवं जन-जागरूकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया गया कि आधुनिक तकनीक जहाँ जीवन को सुगम बना रही है,वहीं साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर भोले-भाले नागरिकों को ठगने के नये तरीके खोज रहे हैं। महोदय द्वारा नागरिकों से अपील की गयी कि OTP,बैंक विवरण,पासवर्ड या निजी जानकारी किसी से भी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें।सम्मान व समापन कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस उपमहानिरीक्षक,कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर हरिश चन्दर द्वारा साइबर एक्सपर्ट श्री रक्षित टण्डन को उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इसके पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों,विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया व बताया गया कि इटावा पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में इटावा पुलिस सक्षम हुई है।
विगत वर्ष में इटावा पुलिस द्वारा 44 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।इन अपराधियों से कुल ₹ 1,97,10,556(एक करोड़ सत्तानवे लाख दस हजार पाँच सौ छप्पन रूपये) की धनराशि बरामद की गयी है,साथ ही 2,02,27,784 (दो करोड़ दो लाख सत्ताइस हजार सात सौ चौरासी रूपये) की धनराशि लीन कराई गई है एवं अपराध में प्रयुक्त 2412 संदिग्ध मोबाइल नम्बरों को भी ब्लॉक कराया गया है।इटावा पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्यशालाएँ आगे भी आयोजित की जाती रहेंगी ताकि अधिक से अधिक नागरिक साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें।





