बढ़नी सिद्धार्थनगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी अस्पताल के डाक्टर एन ०पी०सिंह , प्रदीप कुमार वर्मा एवं विजय कुमार सभी लोग मरीजों का विशेष ध्यान रखते हैं। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अविनाश कुमार चौधरी ने बताया कि अस्पताल में सभी जीवनरक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। रोस्टर के अनुसार सभी चिकित्सक ओपीडी में समय से बैठ रहे हैं और पैथोलॉजी व लेबर रूम भी 24 घंटे एक्टिव मोड में हैं। हम सभी लोग प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी मरीज को निराश होकर न लौटना पड़े। स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बढ़नी में अब स्वास्थ्य सेवाओं ने नई रफ्तार पकड़ ली है। अस्पताल प्रशासन की सक्रियता और चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति के चलते यहाँ आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। जहाँ पहले मरीजों को छोटी-छोटी जांचों और दवाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, वहीं अब अस्पताल परिसर के भीतर ही ये सुविधाएं सुचारू रूप से मिल रही हैं।
प्रतिदिन की ओपीडी (OPD) में मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मौसम में बदलाव के कारण बुखार, सर्दी और खांसी के मरीज बढ़े हैं, लेकिन सीएचसी के चिकित्सक पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ओपीडी में बैठकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। सुबह से ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की कतार लग रही है, जो अस्पताल के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। रिपोर्टिंग के दौरान के बढ़नी कस्बा निवासी अरविंद मौर्य ने बताया कि उनके पिता कौशल किशोर मौर्य सुबह नाश्ता कर रहे थे कि अचानक झटका आने लगा मौके पर उपस्थित डॉक्टरों ने जांच किया है दवा चल रही है| मौके पर उपस्थित डॉक्टर एन पी सिंह ने बताया मरीजों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि उन्हें अब बाहर के मेडिकल स्टोर्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। दवा वितरण कक्ष में एंटीबायोटिक्स, बुखार, दर्द निवारक और मौसमी बीमारियों से जुड़ी लगभग सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। फार्मासिस्ट द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं वितरित की जा रही हैं।
सीएचसी का नेत्र परीक्षण विभाग भी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है। कुल 55 लोगों की जांच कर दवाएं दी गयी हैं | यहाँ बुजुर्गों और दृष्टि दोष से पीड़ित बच्चों की आंखों की जांच की जा रही है। मोतियाबिंद की स्क्रीनिंग और चश्मा आदि की सलाह के लिए मरीज यहाँ पहुँच रहे हैं, जिससे उन्हें शहर के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। पैथोलॉजी: एल टी कृतिका मिश्रा ने बताया अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में खून, पेशाब, शुगर, टाइफाइड और मलेरिया जैसी नियमित जांचें मुफ्त में की जा रही हैं। इससे गरीब मरीजों के पैसों की भारी बचत हो रही है। प्रसव केंद्र: उपस्थित स्टाफ नर्स अमृता पांडेय ने बताया जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव केंद्र (लेबर रूम) में साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 24 घंटे स्टाफ नर्स की तैनाती के चलते संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) में बढ़ोतरी हुई है और जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। बीस अक्टूबर से इक्कीस नवंबर तक 36 डिलीवरी की जा चुकी है , प्रसव से सम्बंधित सभी दवाएं और किट उपलब्ध हैं|
राम सहाय, फार्मासिस्ट बताया अस्पताल के दवा काउंटर पर सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हम पूरी पारदर्शिता के साथ मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं। इसलिए किसी को भी बाहर से दवा खरीदने की ज़रूरत नहीं है। हमारा उद्देश्य हर मरीज को सही दवा उपलब्ध कराना है। Nicu विभाग की स्टाफ नर्स ने बताया एनआईसीयू विभाग नवजात शिशुओं के लिए एक जीवनरक्षक इकाई के तौर पर कार्य कर रहा है। बीते 21 अक्टूबर से 20 नवंबर की अवधि में हमारे यहाँ गंभीर स्थिति वाले कुल 17 बच्चों को भर्ती किया गया। हमारी पूरी टीम नवजात शिशुओं की 24 घंटे विशेष देखभाल और निगरानी में जुटी रहती है। कुल मिलाकर, पीएचसी बढ़नी की व्यवस्थाओं में आया यह सकारात्मक बदलाव क्षेत्र की जनता के लिए एक शुभ संकेत है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनका लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाना है।





