गोंडा। कर्नलगंज के पूर्व भाजपा विधायक स्वर्गीय कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया की प्रथम पुण्यतिथि पर शुक्रवार 23 जनवरी को उस समय माहौल भावुक और तनावपूर्ण हो गया, जब उनके सुपुत्र कुंवर कमलेन्द्र मोहन सिंह को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने से पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय लल्ला भैया की प्रथम पुण्यतिथि पर बरगदीकोट में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनकी दूसरी पत्नी मीनाक्षी सिंह के बड़े पुत्र कुंवर कमलेन्द्र मोहन सिंह जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और करीब एक घंटे तक पुलिस व कमलेन्द्र मोहन सिंह के बीच बातचीत चलती रही, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कार्यक्रम स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
लगातार रोक-टोक से आहत कुंवर कमलेन्द्र मोहन सिंह को बाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कर्नलगंज स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले ले जाया गया, जहां उन्होंने अपने दिवंगत पिता की तस्वीर के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वह भावुक हो उठे और फूट-फूट कर रोते नजर आए। नम आंखों से उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए उन्हें नमन किया।भावनाओं से भरे कुंवर कमलेन्द्र मोहन सिंह ने कहा, “मैं शेर का बेटा हूं… अगर जरूरत पड़ी तो मैं डीएनए टेस्ट कराने के लिए भी तैयार हूं। शारदेन में दम हो तो सामने आएं।” उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें जानबूझकर कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। वहीं भाइयों के बीच कथित दरार की चर्चाएं भी इस घटना के बाद और तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल कर्नलगंज बल्कि जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक असर किस दिशा में जाता है।





