वाराणसी। विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ भेलूपुर स्थित पार्श्वनाथ जन्मस्थली,अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर बड़ी संख्या में भक्त एकत्र होकर नवकार मंत्र का श्रद्धा और भक्ति भाव से पाठ किया। यह पाठ आज गुरुवार को खोजा पारसनाथ जैन मंदिर, पंचायती जैन मंदिर तथा सारनाथ स्थित श्रेयांश नाथ जन्मस्थली सहित वाराणसी के सभी जैन मंदिरों में इस कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण के इस एक घंटे की पावन बेला में वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा और चारों दिशाओं में शांति, सौहार्द और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित हुआ।बता दे की प्रातः कालीन शांत वातावरण में जब नवकार मंत्र की गूंज मंदिरों में प्रतिध्वनित हुई, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो संपूर्ण वातावरण पवित्रता और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत हो गया हो। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में मंत्रोच्चारण करते हुए विश्व में शांति, अहिंसा और सद्भावना की स्थापना की प्रार्थना की।
नवकार मंत्र जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली मंत्र है, जो किसी एक देवी-देवता विशेष को नहीं, बल्कि समस्त सिद्ध पुरुषों, आचार्यों, उपाध्यायों और साधु-संतों को नमस्कार करता है। इस मंत्र के जाप से मन में शांति, आत्मिक बल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि विश्व शांति के लिए इस मंत्र का सामूहिक पाठ विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम में शामिल धर्मानुरागी बंधुओं ने बताया कि इस प्रकार के सामूहिक आयोजन से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है,बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब विश्व विभिन्न चुनौतियों और अशांति से गुजर रहा है, तब इस तरह के प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। भक्तों ने कहा कि,वाराणसी से उठी यह पवित्र ध्वनि पूरे विश्व में शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर सभी वर्ग के महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।





