इटावा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, महामंत्री जितेन्द्र सिंह यादव व प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीराम शुक्ला की अगवाई में बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सांसद जितेंद्र दोहरे के आवास पर पहुंचकर उनको शिक्षक पात्रता परीक्षा(टी ई टी)संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय की समीक्षा व विधायी हस्तक्षेप हेतु एक ज्ञापन सोंपा।जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा सांसद को अवगत कराया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार सभी सेवारत शिक्षकों के लिए उनकी नियुक्ति की तिथि चाहे जो भी रही हो उनके लिए टेट अनिवार्य कर दिया गया है।
शिक्षकों को 2 वर्ष में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है अन्यथा की स्थिति में उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है उन्होंने बताया कि इस निर्णय से देश के लगभग 20 लाख शिक्षक प्रभावित हैं जिनकी सेवा सुरक्षा,पदोन्नति और आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।उत्तर प्रदेश में टेट की बाध्यता 27 जुलाई 2011 से लागू हुई थी इसलिए इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टी ई टी से अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।सांसद जितेन्द्र दोहरे ने कहा कि शिक्षक समाज का अभिन्न अंग है इनके बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है,शिक्षकों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है।
सांसद ने आश्वासन दिया की उनके द्वारा आगामी संसद के सत्र में शिक्षकों के टेट अनिवार्यता संबंधी इस देशव्यापी मुद्दे को सदन में शीतकालीन सत्र में उठाया जाएगा तथा प्रधानमंत्री एवम् केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी इस संबंध में उनके द्वारा पत्र लिखा जाएगा इसके अतिरिक्त भी जो भी शिक्षक हेतु में कदम उठाना आवश्यक होगा वह इस प्रकरण पर शिक्षक हित में पूरे समर्पित भाव से आवश्यक कार्यवाही करेंगे।ज्ञापन कार्यक्रम में मण्डल महामन्त्री संजय कुमार त्रिपाठी,कार्यकारी जिलाध्यक्ष देशदीपक तिवारी,संगठनमंत्री नवनीत कुमार पाण्डेय,ब्रजेश कुमार सिंह,नगेंद्र प्रताप सिंह बिमलेश यादव,राजू तिवारी, संजीव कुमार शाक्य,शिवराज सिंह, राहुल शुक्ला,नीरज दोहरे,अतुल त्रिपाठी ,प्रेम कुमार आनंद, शिवम मिश्रा,अनुज तिवारी,दिनेश कुमार माथुर,अरुण कुमार, रवि मिश्रा,आदिराम,नितिन दुबे,मुकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।





