अम्बेडकरनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर के तत्वाधान में आज दिनांक 13-12-2025 दिन शनिवार को प्रातः 10.00 बजे से सभागार, जनपद न्यायालय परिसर, अम्बेडकरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन श्री चन्द्रोदय कुमार, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर की अध्यक्षता में माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चन करके श्री अब्दुल कैय्यूम, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत, अम्बेडकरनगर, श्री रामविलास सिंह, विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० अधिनियम, श्री मोहन कुमार, विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम / नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत की उपस्थिति में एवं श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, के देख-रेख में व जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण एवं बार एसोसिएशन के सम्मानित अध्यक्ष एवं सचिव तथा सदस्यगण व जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर के कर्मचारीगण की उपस्थिति में कराया गया।
श्री चन्द्रोदय कुमार, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभ तथा उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि न्यायालयों पर दिन-प्रतिदिन मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है, राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हत्या एवं अन्य जघन्य अपराधों को छोड़कर अन्य सभी मामले जिनका निपटारा सुलह-समझौता के माध्यम से किया जा सकता है उन मामलों का निस्तारण वादीगण अपने सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण करवा सकते हैं। माननीय प्रशासनिसक न्यायमूर्ति महोदय द्वारा प्री-लिटिगेशन वादों के महत्व के बारे में बताया गया कि वादीकारीगण किसी भी झगडा झंडाट एवं मारपीट तथा वैवाहिक मामलों को बढ़ने से पहले ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बिना किसी न्यायालय फीस के केवल आवेदन पत्र के माध्यम से सुलह-समझौता कराया जा सकता है।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 18 अदालतें लगायी गयी। श्री चन्द्रोदय कुमार, माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया, श्री राजेश भारद्वाज, माननीय प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय द्वारा 82 वैवाहिक तथा पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। श्री राम बिलास सिंह, विशेष न्यायाधीश एस०सी०/एस०टी० अधिनियम, द्वारा 171 वाद का निस्तारण किया गया। श्री मोहन कुमार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम, द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुए रू0 1,000/- (एक हजार रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित गया। श्री परविन्द कुमार, अपर जिला जज त्वरित प्रथम, अम्बेडकरनगर द्वारा 03 वादों का निस्तारण करते हुये 1,500/- (एक हजार पांच सौ रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। श्रीमती सुधा यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अम्बेडकरनगर द्वारा सबसे अधिक 7019 एम०वी० अधिनियम, चालानी, फौ० वादों एवं अन्य का निस्तारण करते हुए रू0 3,65,400/- (तीन लाख पैंसठ हजार चार सौ रूपये) का अर्थदंड आरोपित किया गया।
श्रीमती शिखा यादव, सिविल जज (सीनियर डिविजन) अम्बेडकरनगर द्वारा 109 वादों का निस्तारण करते हुये रू0 970/- (नौ सौ सत्तर रूपये) का अर्थदंड आरोपित किया गया एवं 7,06,285/- (सात लाख छः हजार दो सौ पचासी रूपये) का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। श्री शैलेश कुमार मौर्य, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अम्बेडकरनगर द्वारा 317 वादों का निस्तारण करते हुये रू0 3,030/- (तीन हजार तीस रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया एवं रू0 38,000/- (अड़तीस हजार रूपये) का समझौता कराया गया। सुश्री गार्गी, अपर सिविल जज (सी०डि०) अम्बेडकरनगर द्वारा 655 वादों का निस्तारण करते हुये 6420/- (छः हजार चार सौ बीस रुपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया।
डा० श्री धर्मेन्द्र यादव, सिविल जज (सी०डि०) त्वरित / अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अम्बेडकरनगर द्वारा कुल 213 वादों का निस्तारण करते हुए रू० 2050/- (दो हजार पचास रुपये) का अर्थदंड आरोपित किया गया। श्रीमती मेधा चौधरी, सिविल जज (जू०डि०) अम्बेडकरनगर द्वारा कुल 204 वादों का निस्तारण करते हुए रू0 1,970/- (एक हजार नौ सौसत्तर रूपये) का अर्थदंड आरोपित किया गया एवं रू0 7,87,044/- (सात लाख सत्तासी हजार चौवालीस रूपये) का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। श्री रोहित शाही, सिविल जज, जू०डि०- (त्वरित) प्रथम, अम्बेडकरनगर, द्वारा 196 वादों का निस्तारण करते हुये रू0 1,960/- (एक हजार नौ सौ साठ रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। श्री राजन राठी, सिविल जज, जू०डि०-(त्वरित), अम्बेडकरनगर, द्वारा 401 वादों का निस्तारण करते हुये रू0 4,000/- (चार हजार रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया।
श्री हिमांशु वर्मा, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, भीटी अम्बेडकरनगर द्वारा 170 वादों का निस्तारण करते हुये 1,670/- (एक हजार छः सौ सत्तर रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। श्री अभिषेक सिंह-III, सिविल जज (जू०डि०) टाण्डा, अम्बेडकरनगर, द्वारा कुल 211 वादों का निस्तारण करते हुए रू0 2,000/- (दो हजार रूपये) का अर्थदंड आरोपित किया गया एवं रू0 25,68,245/-(पच्चीस लाख अड़सठ हजार दो सौ पैंतालीस हजार रूपये) का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। सुश्री जान्हवी वर्मा, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, आलापुर, अम्बेडकरनगर द्वारा द्वारा कुल 90 वादों का निस्तारण करते हुये रू0 900/- (नौ सौ रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। सुश्री आश्री शाह, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, जलालपुर, अम्बेडकरनगर, द्वारा कुल 182 वादों का निस्तारण करते हुये रू० 3010/- (तीन हजार दस रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अम्बेडकरनगर द्वारा 18 वादों का निस्तारण करते हुये 1,11,55,003/- (एक करोड़, ग्यारह लाख, पचपन हजार तीन रूपये)vक्षतिपूर्ति दिलवाई गई। श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर के समस्त न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों द्वारा कुल 10028 वाद, जनपद अम्बेडकरनगर के राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 18936 राजस्व वाद, विद्युत विभाग के 3506 वाद एवं जनपद के अन्य विभागों द्वारा 42986 वाद, भारत संचार निगत लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, बडौदा उ०प्र० ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक सहित जनपद के अन्य बैंकों द्वारा स्टाल लगाकर 901 वाद निस्तारित करते हुये 5,92,56,524 /- रू0 का समझौता किया गया जिसमें से 2,41,63,260/- रू0 तत्काल वसूल किया गया। इस प्रकार कुल प्री-लिटिगेशन के 66332 वादों का निस्तारण हुआ। कुल मिलाकर इस राष्ट्रीय लोक
अदालत में 76360 वादों का निस्तारण किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में श्री अब्दुल कैयूम, अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत, श्रीमती अंजिता सिंह चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट / प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड अम्बेडकरनगर, श्री कमलेश भास्कर अग्रणी जिला प्रबन्धक बैंक ऑफ बडौदा, श्री शिव कुमार मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर, श्री अमित कुमार वर्मा न्यायालय प्रबन्धक, श्री मनोज कुमार पाण्डेय केन्द्रीय नाजिर, श्री अंकुर पाण्डेय कम्प्यूटर आपरेटर, श्री इशरतुल्लाह लिपिक, श्री प्रदीप कुमार लिपिक एवं जि०वि०से०प्रा० के अन्य कर्मचारीगण, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम के अधिवक्तागण श्री रमेश राम त्रिपाठी, श्री राजेश तिवारी व श्री शरद पाण्डेय तथा फंट आफिस एवं ई-सेवा केन्द्र पर नियुक्त पराविधिक स्वंय सेवकों सहित विभिन्न बैंको के अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं अन्य वादकारीगण व अधिवक्तागण आदि उपस्थित रहे।





