मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं से तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ। आगामी विधान सभा चुनाव से पहले सरकार संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल मजबूत करने में जुट गई है।
इसी कड़ी में सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद सभी मंत्रियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभारी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल अपने जिलों तक सीमित न रहें।
अन्य जिलों का भी दौरा कर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करें, उनकी समस्याएं सुनें और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
लोक भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी स्तर पर उपेक्षित या परेशान नहीं रहने चाहिए। यदि किसी समस्या का तत्काल समाधान संभव न हो तो संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
सीएम योगी ने मंत्रियों को दिए निर्देश
साथ ही, मंत्रियों को जिलों में गठित समन्वय समितियों की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए अधिक से अधिक जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाग लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सतर्कता बरतने को कहा। खाड़ी देशों में उत्पन्न हालात के मद्देनजर उन्होंने मंत्रियों को अपने जिलों में गैस की उपलब्धता का जायजा लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खाद की उपलब्धता पर भी नजर रखने को कहा गया है, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
बैठक में बजट खर्च की धीमी रफ्तार पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने बजट का कम से कम 80 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें और आवंटित धनराशि का प्रभावी उपयोग हो।
साथ ही, अगले वित्तीय वर्ष की कार्ययोजनाओं को अप्रैल में ही स्वीकृत कराकर समय से क्रियान्वयन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि 10 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रह जाए।
जहां जरूरत हो वहां फार्म-6 भरवाकर मतदाता संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, खासकर उन 71 विधान सभा क्षेत्रों में जहां मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम हुई है।





