नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी भव्य शोभायात्रा, ‘दिवारी’ नृत्य और पुष्पवर्षा ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
मौदहा (हमीरपुर)। कस्बा स्थित प्रसिद्ध बड़ी देवी मंदिर प्रांगन में मंगलवार को 26वें सत्तचंडी महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा का भक्तिमय माहौल में भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर से एक विशाल कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पीले वस्त्रों में सजीं सैकड़ों महिलाएं
कलश यात्रा बड़ी देवी मंदिर से शुरू होकर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा का मुख्य आकर्षण पीले वस्त्र धारण किए हुए सैकड़ों महिलाएं थीं, जो सिर पर मंगल कलश रखकर मंगल गान करते हुए चल रही थीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक जयकारों के बीच पूरी यात्रा ने नगर का भ्रमण किया और वापस मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई, जहाँ विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।
बुंदेलखंड की ‘दिवारी’ ने खींचा ध्यान
शोभायात्रा के दौरान देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। इस दौरान बुंदेलखंड का प्रसिद्ध पारंपरिक ‘दिवारी’ नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नगरवासियों ने जगह-जगह यात्रा पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
आयोजन समिति के अनुसार, महायज्ञ के दौरान आगामी दिनों में कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे:
- श्रीमद् भागवत कथा: वृंदावन से पधारे भागवत आचार्य पंडित सर्वेश द्विवेदी द्वारा 28 जनवरी से 5 फरवरी तक कथा का वाचन किया जाएगा।
- रामकथा: तुलाधार महाराज द्वारा 1 फरवरी से 5 फरवरी तक रामकथा की अमृत वर्षा की जाएगी।
- रामलीला: 4 फरवरी से 8 फरवरी तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से रामलीला का मंचन होगा।
- जागरण एवं झांकी: 30 जनवरी से 2 फरवरी तक रात्रि में जागरण और झांकियों का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
पूर्णाहुति और विशाल भंडारा
धार्मिक अनुष्ठानों और महायज्ञ का समापन 6 फरवरी को होगा। इस दिन दोपहर 12 बजे से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हज़ारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है।





