मृतका के पिता ने ससुरालीजनों पर संतान पैदा न होने पर पुत्री को मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित करने का आरोप
महोबा। विकासखंड कबरई के धरौन गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेजने के बाद घटना की जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता ने ससुरालीजनों पर संतान पैदा न होने पर पुत्री को मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया तो वहीं ससुराल के लोगों ने इस आरोप को निराधार बताया है। विवाहिता की मौत के बाद दोनो पक्षों के मध्य आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश के गांव खेरा कछार निवासी रामकरण ने बताया कि उसकी अपनी पुत्री राजकुमारी (22) का छह वर्ष पूर्व कबरई के धरौन गांव निवासी सुरेंद्र से हिन्दू रीति रिवाज के तहत विवाह संपन्न हुआ था। उसने विवाह में हैसियत के अनुसार दान दहेज देकर अपनी पुत्री को विदा किया था, लेकिन विवाह के बाद संतान पैदा न होने पर ससुरालीजन उसकी पुत्री को मानसिक और शारीरिक रुप से प्रताड़ित करने लगे।
बताया कि उसकी पुत्री बीमार रहने लगी और बिना डाक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा मांगाकर उसे खिलाया गया, जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ लगा और इसके बाद सरकारी इलाज की बजाय झाड़ फूंक करवाने लगे, जिससे उसकी हालत दिन व दिन बिगड़ने लगी और फिर सूचना मिली कि उसकी मौत हो गई।
उधर मृतका के पति सुरेंद्र न बताया कि राजकुमारी का दिल्ली में भी उपचार कराया गया, लेकिन पांच दिन पहले राजकुमारी के पिता जबरन अपने साथ घर ले गए थे और कुछ दिन बाद फोन कर बताया कि उसकी हालत ठीक नहीं है और उसका उपचार कराया जाए। जिस पर पति उसे वापस ले आया और अचानक हालत खराब होने पर पत्नी को अन्य ससुराल के लोग के साथ जिला अस्पताल ले गए जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना का निरीक्षण कर दोनो पक्षों से पूछतांछ कर जांच में जुटी हुई। पुलिस का कहना है कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। वहीं दोनो पक्षों ने अभी तक पुलिस को इस संबन्ध में कोई तहरीर नहीं दी है।





