जनपद में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लगे पंख

दिल्ली की टीम बना रही जनपद पर्यटन स्थलों पर डॉक्यूमेंट्री

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जनपद में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लगे पंख

स्थानीय जानकारों व सम्बंधित विभागों से प्रत्येक पर्यटन स्थलों का जुटाया जा रहा है डाटा

अवधनामा संवाददाता

ललितपुर (Lalitpur)। जनपद में पर्यटन की असीम सम्भावनों को लेकर सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैजिसके लिए यहां पर बल्क ड्रग पार्कडिफेंस कोरिडोरमेडिकल कॉलेज व हवाई पट्टी जैसी महत्वपूर्ण विकासपरक परियोजनाओं के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में जनपद के पयर्टन को सही दिशा व पहचान दिलाये जाने के उद्देश्य से डॉक्यूमेंट्री निर्माण हेतु दिल्ली की टूरिज्म टीम द्वारा पुरात्व विभागपर्यटन विभाग व सूचना विभाग के सहयोग से जनपद के पर्यटन स्थलों का सर्वे किया जा रहा है। इसी के क्रम में टूरिज्म टीम के रुट प्लान के निर्धारण व पर्यटन विकास हेतु किये जाने वाले नवाचारों की रणनीति तय करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने पर्यटन व पुरातत्व से जुड़े अधिकारियों के साथ कलैक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक में डीआईओ ने बुकलेट के माध्यम से जनपद के इतिहासपर्यटन स्थलों व संस्कृति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह जनपद काफी प्राचीन संस्कृति को अपने अन्दर संजोय एक एतिहासिक महत्व रखता है। यहां पर देवगढ़दशावतार मंदिरबौद्ध गुफाएंदूधई मंदिररणछोरधामपाण्डववन जैसे अनेक ऐसे तीर्थ स्थल हैंजिन्हें पर्यटन स्थलों के रुप में विकसित किया जा सकता है। इसके साथ ही यह जनपद प्राकृतिक संपदा से भी परिपूर्ण है। यहां की संस्कृति में आल्हा गायनराई नृत्य व मोनिया नृत्य पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। यदि यहां के पर्यटन स्थलों तक जाने वाले मार्गों का सुगम कर दिया जाये लोग जनपद के पर्यटन तक आसानी से जुड़ सकेंगे। इसके उपरान्त पुरातत्व विभाग के अधिकारी एस.के. दुबे ने बताया कि ललितपुर बहुत प्राचीन शहर हैप्राचीन काल में यहां पर मूति कला का वृहद स्तर पर प्रचलन थायहां से बनी मूर्तियां बेतवा नदी के रास्त से देश-विदेश में निर्यात की जाती थीं। इसके लिए यहां पर बंदरगाह भी बने हुये थेजिनमें से प्रमुख बंदरगाह आज बंदरगुढ़ा के नाम से जाना जाता हैजिसका नाम बंदरगाह से बंदरगुढ़ा हुआ। यहां पर शहजाद नदी के किनारे पहाड़ों में प्राचीन काल के मूर्ति बनाने वाले टूल भी मिले हैंजो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके विभाग द्वारा यहां के प्रत्येक ग्राम का सर्वे किया गया हैजिसकी रिपोर्ट पब्लिस भी की गई हैं। जनपद में बहुत से ऐसे स्थल हैंजिन्हें मुख्य पर्यटन स्थलों के रुप में प्रमोट कर यहां की संस्कृति को सम्पूर्ण विश्व में प्रख्यात किया जा सकता है। इस पर जिलाधिकारी ने पुरातत्व अधिकारी को निर्देश दिये कि उनके विभाग द्वारा किये गए सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध करायेंसाथ ही विभाग से सम्बंधित अधिकारी को जनपद ललितपुर में तैनात करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। इसके उपरान्त टूरिज्म टीम द्वारा जिलाधिकारी से आग्रह किया गया कि यदि डॉक्यूमेंंट्री निर्माण के दौरान चयनित स्थल से सम्बंधित लोकल आरटिस्टों से बातचीत व उनकी प्रस्तुति करायी जाये तो स्थल के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। इस पर जिलाधिकारी ने पुरातत्व अधिकारीपर्यटन अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद ललितपुर एक अनएक्सप्लोर जगह हैहम ललितपुर के बारे में जितना जानते हैं वास्तव में ललितपुर पर्यटन व पुरातत्व की दृष्टि से उससे कई ज्यादा महत्व रखता है। इसलिए टूरिज्म टीम को यहां के इतिहासपुरातत्व व संस्कृति के बारे में अधिक से अधिक सूचनाएं उपलब्ध करायें। पुरातत्व अधिकारी व पर्यटन अधिकारी अपनी अपनी जानकारी टीम के साथ साझा करेंसाथ ही प्रतिदिन डॉक्यूमेंट्री निर्माण हेतु रुटप्लान तैयार करें। बैठक में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी एस.के. दुबेक्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आर.के.रावतजिला सूचना अधिकारीपर्यटन मित्र फिरोज इकबाल डायमंड सहित दिल्ली की टूरिज्म टीम के डायरेक्टर मुकेश गोयल एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

फोटो-पी3     कैप्सन- पर्यटन विभाग की टीम के साथ बैठक करते जिलाधिकारी