एशियाई जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में

गौरव सैनी (70 किग्रा) ने दुबई में चल रही एशियाई जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है जबकि तीन अन्य भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। सैनी ने किर्गीस्तान के जाकिरोव मुखामादाजीज को रविवार की रात को हुए मुकाबले में 4-1 से हराया। यह प्रतियोगिता पहली बार युवा और
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एशियाई जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में

गौरव सैनी (70 किग्रा) ने दुबई में चल रही एशियाई जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है जबकि तीन अन्य भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।
सैनी ने किर्गीस्तान के जाकिरोव मुखामादाजीज को रविवार की रात को हुए मुकाबले में 4-1 से हराया। यह प्रतियोगिता पहली बार युवा और जूनियर मुक्केबाजों (पुरुष और महिला वर्ग दोनों में) के लिये एक साथ आयोजित की जा रही है।
सैनी के अलावा आशीष (54 किग्रा), अंशुल (57 किग्रा) और भरत जून (81 किग्रा से अधिक) ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
आशीष ने ताजिकिस्तान के रहमनोव जाफर को 5-0 से शिकस्त दी जबकि अंशुल ने संयुक्त अरब अमीरात के मंसूर खालिद को हराया। भारतीय मुक्केबाज को दबदबे को देखते हुए यह मुकाबला पहले राउंड में ही रोक दिया गया था।
जून ने क्वार्टर फाइनल के एक अन्य मुकाबले में उज्बेकिस्तान के केनेसबीव अयनजर को 3-2 से पराजित किया।
लेकिन कृष पाल (64 किग्रा) और प्रीत मलिक (63 किग्रा) को हार का सामना करना पड़ा। पाल को उज्बेकिस्तान के बख्तियार याक्शिबोव ने दूसरे राउंड में ही बाहर का रास्ता दिखाया जबकि मलिक को किर्गीस्तान के इल्दार इसेमबीव से 2-3 से हार झेलनी पड़ी।
भारत ने ड्रा के दिन ही अपने लिये 20 पदक पक्के कर दिये थे। कोविड-19 के कारण यात्रा प्रतिबंधों को देखते हुए कई देश इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
युवा वर्ग के स्वर्ण पदक विजेता को 6000 डॉलर, रजत पदक विजेता को 3000 डॉलर और कांस्य पदक विजेता को 2000 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। जूनियर वर्ग में यह राशि क्रमश: 4000, 2000 और 1000 डॉलर है।