Home EPaper Urdu EPaper Hindi National Uttar Pradesh Special Report Editorial Muharram Entertainment Health Support Avadhnama

यह प्रयास तब तक चलता रहेगा जब तक महिलाएं पूर्ण रुप से खुद की प्रतिभाओं को पहचानना शुरू ना कर दे।…

ads
स्वर रोजगार का सृजन करती है संस्था
रिटायर्ड प्रोफेसर डाक्टर साबिरा हबीब के दिशा निर्देश मॆं नताशा पालिक्राफ्ट एंड एजुकेशन सेंटर पिछले 25 वर्षों से समाज में आर्थिक रूप से जूझ रही महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु की तरह साबित होती रही है।
महिलाएं एवं लड़कियां यहां निशुल्क रूप से सिलाई कढ़ाई की ट्रेनिंग लेती हैं।सीखने के बाद सर्वप्रथम घर के कपड़े तथा उसके बाद अपने आस पड़ोस के कपड़ों में सिलाई कढ़ाई करना शुरू करती हैं। इस प्रकार से पहले तो घर के सिलाई कढ़ाई के खर्चों में बचत होती है वही आस पड़ोस के कपड़े सिलने पर आमदनी भी होती है।
महिला सशक्तिकरण में डॉक्टर साबिरा हबीब जी की राय
डॉ छाबरा हबीब जी के अनुसार महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता जरा भी नहीं है क्योंकि समाज में महिलाएं पहले से ही सशक्त हैं बस थोड़े मार्गदर्शन की जरूरत है, उनके अंदर छुपे हुए प्रतिभाओं को जगाने की उनका कहना है कि उनका यह प्रयास तब तक चलता रहेगा जब तक महिलाएं पूर्ण रुप से खुद की प्रतिभाओं को पहचानना शुरू ना कर दे।
पहले संस्था में खुद ली ट्रेनिंग अब 15 साल से उसी संस्था में दे रही है अन्य लड़कियों को शिक्षा
Exif_JPEG_420
क्षेत्र में ही रहने वाली अल्ताफ ने करीब 15 वर्ष पूर्व में संस्था से सिलाई कढ़ाई की ट्रेनिंग ली थी सीखने के बाद मन में ठानी कि अब मैं औरों को सिखाऊंगी और नतीजा यह है कि आज उसी नताशा पालिक्राफ्ट  एजुकेशन सेंटर में अल्ताफ पिछले 15 वर्षों से संस्था में आने वाली लड़कियों को महिलाओं को सिलाई कढ़ाई की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
ट्रेनिंग होती है पूरी तरह से निशुल्क…………
आमतौर पर देखा जाता है यदि कोई संस्था निशुल्क ट्रेनिंग दे रही है तो अपने पास से कोई सामान नहीं देती लेकिन नताशा पॉलिग्राफ एंड एजुकेशन सेंटर में जो महिलाएं तथा  लड़कियां सिलाई कढ़ाई सीखते हैं वहां उन्हें जरूरी सामान जैसे की कैंची कपड़े सुई धागा सभी चीज उपलब्ध कराई जाती है वह भी निशुल्क रूप से। समाज सेविका अनूपमा सिंह ने भी किया बुटीक शुरू करने वाली महिलाओ का उत्साह वर्धन
अनूपमा फाउंडेशन कि डायरेक्टर अनूपमा सिंह जी ने मंगलवार को बुटीक शुरू करने वाली महिलाओ के बुटीक मॆं पहुँचकर उनका उत्साह वर्धन करने के साथ ही बुटीक से वस्त्र भी खरीदा।

बुटीक शुरू करने वाली अंजू तथा पूनम गुप्ता कहती है कि इस काम को शुरू करने के लिये वो प्रोफेसर डाक्टर साबिरा हबीब जी कि आभारी है जिनके मार्गदर्शन मॆं आज यह सम्भव हो पाया है।

 

ads

Leave a Comment

ads

You may like

Hot Videos
ads
In the news
post-image
Marquee Slider Special Report World

USA में सिन्धी, बलोच और पख्तूनों ने मोदी से लगाई गुहार, बांग्लादेश की तरह करवाएं पाकिस्तान से आजाद

ह्यूस्टन। सिन्धी, बलोच और पख्तून समूह के प्रतिनिधि अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित NRG स्टेडियम के सामने रविवार को एकसाथ प्रदर्शन कर पाकिस्तान से आजादी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी...
post-image
Marquee Muslim World Slider Special Report World

कुछ देशों के लिए तेल, ख़ून से ज़्यादा मूल्यवान हैः सैयद हसन नसरुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा है कि यमनी बलों की जवाबी कार्यवाही पर कुछ देशों की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उनके लिए ख़ून के...
post-image
Marquee Muslim World Slider Special Report World

ईरान के ख़िलाफ़ आरोपों को सऊदी सरकार भी सही नहीं मानतीः ज़रीफ़

विदेश मंत्री ने यमन के मामले में ईरान पर लगाए जाने वाले आरोपों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा है कि स्वयं सऊदी अरब की सरकार भी ईरान के...
post-image
Marquee Muslim World Slider Special Report World

इराक में कर्बला के बाहर भीषण विस्फोट, 12 लोग शहीद

  इराक के पवित्र शहर कर्बला के बाहर यात्रियों से भरी एक मिनीबस में किए गए बम विस्फोट में 12 लोगों की शहादत हो गई। बगदाद: इराक में एक...
Load More
ads