मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन व पारदर्शी बनाना है, अभियान का उद्देश्य : डीएम
सिद्धार्थनगर। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के सत्यापन में बड़ी विसंगति सामने आई है। जनपद में कुल 2.21 लाख से अधिक मतदाता ऐसे चिन्हित हुए हैं, जिनकी 2003 की आधार मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी।
विधानसभा क्षेत्रवार मैपिंग से वंचित की संख्या, शोहरतगढ़- 40543, कपिलवस्तु- बांसी 29705, इटवा- 47158 व डुमरियागंज- 38735 हैं। अब निर्वाचन विभाग ने इन सभी मतदाताओं को नोटिस भेजकर पुनः सत्यापन और विशेष सुधार अभियान में शामिल करने का निर्णय लिया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है।
इसी क्रम में 2003 की मूल मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान मतदाताओं का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में नाम ऐसे हैं, जिनका रिकॉर्ड पुराने डेटा से मेल नहीं खा रहा। इनमें स्थानांतरण, मृत्यु, दोहरे नामांकन और अपूर्ण विवरण जैसे कारण सामने आ रहे हैं।
निर्वाचन विभाग की योजना के अनुसार सभी चिन्हित मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस भेजे जाएंगे, उन्हें फार्म छह, सात और आठ के माध्यम से विवरण सही कराने का अवसर मिलेगा, बीएलओ स्तर पर दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब या दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो ऐसे नामों पर विलोपन की कार्रवाई भी संभव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। यही वजह है कि निर्वाचन आयोग ने इस बार कड़ाई से मैपिंग और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई है। जिला निर्वाचन अधिकारी शिव शरणप्पा जीएन ने बताया कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिले, वे समय से संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम सुरक्षित कराएं। एसआईआर अभियान के जरिए जनपद में मतदाता सूची को पूरी तरह विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में यह एक अहम और निर्णायक कदम माना जा रहा है।





