नकली आधार कार्ड बनाकर बेचते थे चोरी की बाइक, तीन शातिर चोर गिरफ्तार।
आठ चोरी की मोटरसाइकिलें, 12 कूटरचित आधार कार्ड की फोटोकॉपी बरामद।
काकोरी लखनऊ। काकोरी की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार किया है।
पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन चोरों को उस वक्त दबोच लिया, जब वे चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने की फिराक में थे। तीनों अभियुक्त अलग-अलग चोरी की मोटरसाइकिलों पर आ रहे थे। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके तीनों को शाम चार बजे भागने का मौका दिए बिना पकड़ लिया।
गिरफ्तार चोरों की निशानदेही पर बड़ागांव अंडरपास के पास नहर के किनारे छिपाई गई पाँच और मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिससे बरामद कुल मोटरसाइकिलों की संख्या आठ हो गई है। चोरों के कब्ज़े से 12 कूटरचित (नकली/जाली) आधार कार्ड की छायाप्रतियाँ और दो एंड्रॉइड मोबाइल (लावा, रियलमी) भी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में पता चला कि ये चोर अलग-अलग जगहों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे। चोरी के वाहनों को बेचने के लिए, अभियुक्त अमन और अनुज मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन के अनुसार मालिक के नाम पर अपना फोटो एडिट करके नकली आधार कार्ड बनाते थे, ताकि ऑनलाइन खरीद-बिक्री करने वाले व्यक्ति को धोखा देकर विश्वास दिलाया जा सके।
जब एक ख़रीददार ने मोटरसाइकिल के मालिक (रामखिलावन) के घर जाकर ट्रांसफर के लिए जानकारी की, तो चोरों को पकड़े जाने का डर लगा। इसके बाद उन्होंने बेची गई और गिरवी रखी गई मोटरसाइकिलों को वापस मंगा लिया और यह चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने के लिए इकट्ठा कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमन यादव (19 वर्ष, निवासी कलियाखेड़ा), अनुज कुमार यादव उर्फ अमित (27 वर्ष, निवासी उन्नाव), और राहुल कुमार (26 वर्ष, निवासी चकपरेवा) के रूप में हुई है।
इन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत कुल 8 मुक़दमे दर्ज किए गए हैं। इन धाराओं में चोरी की संपत्ति को बेईमानी से अपने पास रखना और बेईमानी से प्राप्त संपत्ति को छिपाना जैसी बातें शामिल हैं।





