जून में सरकार को भले ही अन्य मदों से उम्मीद के मुताबिक कर राजस्व नहीं मिला लेकिन शराब भांग बीयर आदि की बढ़ती बिक्री से रिकॉर्ड आबकारी राजस्व हासिल हुआ है। पिछले वर्ष जून की तुलना में इस बार 1058.23 करोड़ रुपये अधिक सरकार को मिले हैं जिसमें से 1026.22 करोड़ रुपये सिर्फ आबकारी से बढ़े हैं।
जून में सरकार को भले ही अन्य मदों से उम्मीद के मुताबिक कर राजस्व नहीं मिला लेकिन शराब, भांग, बीयर आदि की बढ़ती बिक्री से रिकॉर्ड आबकारी राजस्व हासिल हुआ है। पिछले वर्ष जून की तुलना में इस बार 1058.23 करोड़ रुपये अधिक सरकार को मिले हैं जिसमें से 1026.22 करोड़ रुपये सिर्फ आबकारी से बढ़े हैं। जीएसटी, वैट, परिवहन, स्टांप व निबंधन, भूतत्व एवं खनिकर्म का योगदान महज 32.01 करोड़ रुपये रहा।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को जून और वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मुख्य कर व करेत्तर राजस्व की जानकारी दी। बताया कि पिछले वर्ष जून में कुल 15,924.73 करोड़ रुपये मिले थे। इस वर्ष जून में राज्य कर से 9,696.53 करोड़ रुपये जबकि पिछले वर्ष 9,483.18 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें जीएसटी से 6,645.52 करोड़ मिले जबकि पिछले वर्ष 6,656.54 करोड़ रुपये मिले थे। वैट से जून में 3,051.01 करोड़ रुपये मिलें जबकि पिछले वर्ष जून में 2,826.64 करोड़ रुपये मिले थे।
दूसरी तरफ अबकी जून में आबकारी से 4,458.23 करोड़ रुपये मिले जबकि पिछले जून में 3,432.01 करोड़ रुपये ही आए थे। स्टांप तथा निबंधन से पिछले वर्ष जून के 2,510.31 करोड़ रुपये की तुलना में अबकी 2,666.25 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले जून में 1,126.10 करोड़ रुपये देने वाले परिवहन विभाग का अबकी राजस्व घटकर 830.15 करोड़ रुपये ही रह गया है। भू-तत्व एवं खनिकर्म का राजस्व भी 373.13 करोड़ रुपये से 331.80 करोड़ रुपये रहा है।
पहली तिमाही के राजस्व के संबंध में मंत्री ने बताया कि 72,620.18 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 54,186.64 करोड़ रुपये ही मिले हैं। आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया है कि आबकारी राजस्व के तहत जून तक तय लक्ष्य 14,400 करोड़ रुपये के मुकाबले 14,228.92 करोड़ रुपये मिले हैं। यह कुल लक्ष्य का 98.8 प्रतिशत है।