ओमिक्रॉन वेरिएंट की रफ्तार ने सरकार की उड़ाई नींद, केजरीवाल जारी करेंगे नई गाइडलाइन्स

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ओमिक्रॉन वेरिएंट की रफ्तार ने सरकार की उड़ाई  नींद, केजरीवाल जारी करेंगे नई गाइडलाइन्स 

नई दिल्ली । देश में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट की रफ्तार ने सरकार की नींद उड़ा दी है। इस वेरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार यानी आज एक अहम समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमण को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने नवंबर के आखिरी सप्ताह में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर समीक्षा बैठक की थी। संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले भी प्रधानमंत्री ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने लोगों को मार्च 2022 तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार करने का ऐलान किया था।ओमिक्रॉन वेरिएंट पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंधों को कम करने की योजना की समीक्षा करने के लिए कहा था। इसके साथ प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से नए वेरिएंट को लेकर सक्रिय रहने के हिदायत दी थी। ताकि, ओमिक्रॉन वेरिएंट पर नजर रखी जा सके। इस बीच, देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र ने राज्यों को एडवाइजरी जारी कर एहतियाती कदम उठाने की अपील की है। 


इधर दिल्ली में ओमिक्रॉन मामलों की संख्या में बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आज कोरोना वायरस के इस नए प्रकार के संबंध में तैयारियों व प्रबंधन का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक करेंगे। देश में ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 57 मामले दिल्ली में सामने आए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र  में 54, तेलंगाना में 24, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15 और गुजरात में 14 मामले सामने आए हैं। कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों के साथ होने वाली केजरीवाल की इस बैठक में कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर और वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के बारे में तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।  इसके अलावा बैठक में अस्पताल में बिस्तरों, दवाओं और गृह पृथक वास उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।


बुधवार को दिल्ली में कोविड-19 के 125 नए मामले मिले हैं। 22 जून के बाद एक दिन में दिल्ली में यह कोरोना के सबसे ज्यादा केस हैं। दिल्ली में अभी पॉजिटिविटी रेट 0.20 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वायरल इन्फेक्शन से यहां किसी की मौत नहीं हुई है।

केजरीवाल जारी करेंगे नई गाइडलाइन
ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में क्रिसमस और न्यू  ईयर पर होने वाले आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) के आदेश के मुताबिक, अगले आदेश तक किसी भी होटल, बार या रेस्टोरेंट में 50 फीसदी सिटिंग कैपिसेटी को अलाउ किया जाएगा। सभी तरह के राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और किसी भी जमावड़े पर रोक रहेगी। बैंक्वेट हॉल में शादी, मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन के अलावा और कोई कार्यक्रम नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि आज की अहम बैठक में दिल्ली के सीएम कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ नई गाइडलाइंस भी जारी कर सकते हैं।


ओमिक्रॉन पर क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इससे पहले बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस से संक्रमित सभी लोगों के नमूनों का जीनोम अनुक्रमण बुधवार को शुरू कर दिया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि ओमिक्रॉन स्वरूप का संक्रमण किस स्तर तक फैला है। राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना करीब 100 से 125 मामले सामने आ रहे हैं और उसके पास रोज 400 से 500 नमूनों के जीनोम अनुक्रमण की क्षमता है।
    
 जैन ने कहा, ''यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान और लोक नायक अस्पताल में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित प्रयोगशालाएं प्रतिदिन 100 नमूनों का अनुक्रमण कर सकती हैं। दिल्ली में केंद्र द्वारा संचालित दो प्रयोगशालाएं एक दिन में 200-300 नमूनों का अनुक्रमण कर सकती हैं, यानी एक दिन में 400-500 नमूनों का विश्लेषण किया जा सकता है।''
    
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''रोजाना करीब 100 से 125 नए मामले सामने आ रहे हैं... कोविड-19 के सभी मरीजों के नमूनों का अनुक्रमण बुधवार से शुरू हुआ। इसके जरिए हम यह पता लगा पाएंगे कि समाज में ओमिक्रॉन के कितने मामले हैं। अभी तक (ओमिक्रॉन से संक्रमण के) अधिकतर मामले विदेशों से आए हैं।''

अभी तक ओमिक्रॉन के 200 से ज्यादा मामले
भारत में कोरोना वायरस के नए स्वरूप 'ओमिक्रॉन' के 200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 90 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ये मामले 15 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा के मुताबिक इन मरीजों में से 90 ठीक होने के बाद घर जा चुके हैं।