समाज को अब महिलाओं के प्रति सोच को बदलने की आवश्यकता : न्यायाधीश

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समाज को अब महिलाओं के प्रति सोच को बदलने की आवश्यकता : न्यायाधीश
अवधनामा संवाददाता 

आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आज नेहरू हाल के सभागार में महिलाओं के विधिक जागरूकता के सम्बन्ध में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय लालता प्रसाद द्वितीय, मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 आजाद भगत सिंह ने मॉ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीपार्चन कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय आजमगढ़, दिनेश चन्द द्वारा की गई। जनपद न्यायाधीश, दिनेश चन्द ने महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि क्षमा, धैर्य, सहृदयता के साथ सामाजिक समरसता बनाये रखने हेतु महिलाओं को जागरूक होना जरूरी है। महिलायें अपने सम्मान व अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सचेत रहें, न केवल वे इस समाज के पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें, बल्कि देश, समाज व परिवार में भी अपना योगदान करें।
मा0 जनपद न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील स्तर पर तालुकि विधिक प्राधिकरण स्थापित है। उन्होने कहा कि महिलाएं यहां पर फ्री में सलाह एवं कार्यवाही के लिए परामर्श ले सकती हैं। उन्होने कहा कि महिलाओं को सरकार की तरफ से भी सरकारी अधिवक्ता की व्यवस्था है। उन्होने कहा कि सभी महिला/पुरूष को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाये। मा0 न्यायाधीश ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को ही आगे आकर सहयोग/मदद करनी चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला ने कहा कि महिलाओं को एक सामूहिक शक्ति के रूप में अपने आप को देखना होगा, खूब सशक्त होना होगा और अपने समूह की शक्ति को समझना होगा।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुश्री अनीता ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है, महिलाएं किसी से कमजोर नही हैं, महिलाओं सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। राज्य महिला आयोग की सदस्या श्रीमती संगीता तिवारी ने महिलाओं से संबंधित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाआें के बारे में विस्तार से बताया
महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने बताया कि लड़कों एवं लड़कियों में भेदभाव न करें, आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, बालिकाओं को पढ़ायें, जिससे वे आगे चलकर अपने परिवार का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 आजाद भगत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ0 वीके शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, पराविधिक स्वयं सेवक सहित आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं आशा बहुएं व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।